दर्द की गोली खाने के बाद 21 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर उठाए सवाल
राहतगढ़ सिविल अस्पताल से इलाज के बाद घर लौटा था राज अहिरवार, रात में फिर बिगड़ी तबीयत; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
सागर/राहतगढ़। सागर जिले के राहतगढ़ में 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद इलाज को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड क्रमांक 15, बड़ा पुल राहतगढ़ निवासी राज अहिरवार की दर्द की दवा लेने के कुछ समय बाद तबीयत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। परिजनों ने राहतगढ़ सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, युवक की मौत किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात राज अहिरवार बड़े पुल के पास एक गड्ढे में गिर गया था। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन उसकी तलाश में निकले। बाद में उन्हें पता चला कि राज राहतगढ़ सिविल अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के बाद राज को दर्द की गोलियां देकर घर भेज दिया गया था। रात करीब 3 बजकर 15 मिनट के बाद उसे दोबारा दर्द होने लगा। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल से मिली दवा उसे खिला दी। उनका आरोप है कि गोली खाने के कुछ ही देर बाद राज की हालत बिगड़ गई।
युवक की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने उपचार में लापरवाही की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
बुधवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
मामले में कई सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी है। जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि गड्ढे में गिरने से राज को कितनी गंभीर चोट आई थी और अस्पताल में उसके उपचार के दौरान किन परिस्थितियों में निर्णय लिए गए। साथ ही, यह भी पता लगाया जाएगा कि उसकी स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार या सागर रेफर करने की जरूरत थी या नहीं।
फिलहाल, दवा खाने और युवक की मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, अस्पताल के डॉक्टरों पर लगाए गए लापरवाही के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ सकेगी।








