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सागर : नेता प्रतिपक्ष से विवाद के बाद थाने में फूट-फूटकर रोई नपाध्यक्ष, जातिगत टिप्पणी का आरोप

सागर : बीना नगर पालिका में ...

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सागर : बीना नगर पालिका में सोमवार शाम एक इंच के नल कनेक्शन को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि नपाध्यक्ष लता सकवार और नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय के बीच जमकर बहस हो गई। आरोप है कि चर्चा के दौरान प्रशांत राय ने न केवल अभद्र व्यवहार किया बल्कि नपाध्यक्ष के साथ जातिगत टिप्पणी भी कर दी। विवाद बढ़ने पर लता सकवार बीना थाने पहुंची, जहां घटनाक्रम बताते-बताते वह फूट-फूटकर रो पड़ी। जानकारी के अनुसार कानूनगो और कटरा वार्ड में नल कनेक्शन को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर कर्मचारियों ने काम रोक दिया। सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष नपा कार्यालय पहुंच गये। वहां पहुंचते ही उन्होंने तेज आवाज में बोलना शुरू कर दिया और अध्यक्ष लता सकवार को चैंबर के बाहर आकर बात करने के लिये कहा। अध्यक्ष ने उन्हें अंदर बुलाया, लेकिन प्रशांत राय हॉल में ही हंगामा करते रहे। आरोप है कि इसी दौरान लता सकवार बाहर आई तो प्रशांत राय ने उनका नाम लेकर अपमानजनक शब्द कहे और जातिगत टिप्पणी की। विवाद की जानकारी मिलते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय, नपा उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया समेत कई पार्षद और पार्टी पदाधिकारी मौके पर पहुंच गये। इसके बाद सभी नपाध्यक्ष के साथ बीना थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। थाने में जब लता सकवार ने टीआई अनूप यादव को पूरी घटना बताई, तो वे रोने लगी। इस पर टीआई ने उन्हें समझाते हुये कहा कि आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी और गिरफ्तारी भी होगी। देर रात तक अध्यक्ष, पार्षद और भाजपा पदाधिकारी थाने में ही मौजूद रहे और एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े रहे। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुये नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वे सिर्फ यह जानने नगर पालिका गये थे कि पाइप लाइन डालने का काम क्यो रोका गया। उनका किसी से विवाद करने या किसी प्रकार की टिप्पणी करने का कोई इरादा नहीं था।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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