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सागर : शाहगढ़ खाद गोदाम में विवाद: प्रभारी का मंत्री–विधायक को खुलेआम चैलेंज, आपत्तिजनक भाषा वाला ऑडियो वायरल

सागर : यूरिया और DAP ...

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सागर : यूरिया और DAP की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग के आरोप, एससी वर्ग के लिए जातिसूचक शब्दों के प्रयोग ने बढ़ाया मामला

सागर : शाहगढ़/ रबी सीजन की बुवाई के बीच शाहगढ़ क्षेत्र में यूरिया और DAP खाद की भारी कमी के बीच खाद वितरण को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी माहौल में खाद गोदाम प्रभारी डीके रावत का एक विवादित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है।

वायरल रिकॉर्डिंग में डीके रावत कथित रूप से बंडा के विधायक वीरेंद्र लोधी और मंत्री प्रहलाद पटेल को चुनौती देते हुए सुने जा रहे हैं। ऑडियो में वह खुले तौर पर कहते सुनाई देते हैं कि मेरा ट्रांसफर कराकर देखो और इसी चुनौती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रिकॉर्डिंग में उस भाषा का उपयोग भी सामने आया है जिसे लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि रावत ने एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के लिए जातिसूचक शब्द कहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी और बढ़ गई है।

खाद संकट के चलते पिछले कई दिनों से शाहगढ़ गोदाम के बाहर किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई बार खाद वितरण में अव्यवस्था के कारण बहस और हंगामे तक की नौबत आ चुकी है। किसानों का कहना है कि डीके रावत द्वारा ऊंचे दामों पर खाद बेचने और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें पहले भी उठ चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

वायरल ऑडियो में रावत यह भी कह रहे हैं कि यदि उनका ट्रांसफर कराया गया, तो वे गोदाम की जिम्मेदारी किसी जितेंद्र नामक व्यक्ति को दिलवाएंगे, जिसे वह ऑडियो में जातिसूचक शब्दों के साथ संबोधित कर रहे हैं।

इस पूरे मामले में विभागीय सूत्रों का कहना है कि ऑडियो की सच्चाई की जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं स्थानीय किसानों ने मांग की है कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए ताकि किल्लत और विवाद खत्म हों।

शाहगढ़ में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर टिकाए हुए हैं।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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