4.38 लाख करोड़ का ‘रोलिंग बजट’ पेश: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले ,प्रदेश के विकास की दो साल की दिशा तय करेगा दस्तावेज
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे राज्य के दीर्घकालिक विकास की योजना से जुड़ा अहम दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि अगले दो वर्षों की विकास रणनीति को समेटने वाला प्रदेश का पहला रोलिंग बजट है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 4,38,317 करोड़ रुपये के आकार वाला यह बजट “समृद्ध, सुखद, संपन्न और संस्कृतिमय मध्यप्रदेश” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार ने लगातार तीसरी बार बिना किसी नए कर या कर वृद्धि के बजट पेश किया है।
कृषि वर्ष घोषित, किसान कल्याण पर बड़ा प्रावधान
डॉ. यादव ने वर्ष 2026-27 को कृषि समर्पित वर्ष बताते हुए कहा कि किसानों के हित में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मजरे-टोले तक सड़क पहुंच सुनिश्चित करने हेतु 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा ‘द्वारका योजना’ नाम से एक नई योजना की शुरुआत की जा रही है। जिसके लिए 5,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अधोसंरचना और युवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देते हुए संसाधनों का प्रबंधन किया गया है, ताकि प्रदेश में अधोसंरचना परियोजनाओं को गति मिल सके। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा राज्य है, इसलिए युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण में पहल
सरकार के अनुसार, प्रदेश में साढ़े 13 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार नई योजनाओं पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और जल्द ही आठ और चीते लाने की तैयारी है। इसके साथ ही जंगली भैंस के पुनर्वास की योजना पर भी काम चल रहा है।
GYANII मॉडल के आधार पर तैयार बजट
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के GYAN संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने उसमें यानी इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री जोड़कर GYANII मॉडल के अनुरूप बजट तैयार किया है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को मार्गदर्शक तत्व बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही लाड़ली बहनों के लिए पर्याप्त प्रावधान कर महिला सशक्तीकरण को भी प्राथमिकता दी गई है।








