होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

खराब रास्ते के विरोध में शव सड़क पर रखकर चक्काजाम,ग्रामीण बोले 15 साल से शमशान पहुंचने के लिये रास्ता नहीं, जाम में फंसी एंबुलेंस

खराब रास्ते के विरोध में ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

खराब रास्ते के विरोध में शव सड़क पर रखकर चक्काजाम,ग्रामीण बोले 15 साल से शमशान पहुंचने के लिये रास्ता नहीं, जाम में फंसी एंबुलेंस

सागर/खुरई। मुड़िया गांव में सोमवार को शमशान तक रास्ता नहीं होने के विरोध में ग्रामीणों ने एक शव को खुरई-रजवांस सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम तीन घंटे से ज्यादा समय तक चला। इस दौरान स्कूल वाहन और एक एंबुलेंस भी फंसी रही। प्रशासन ने जेसीबी से शमशान तक पहुंचने के लिये फिलहाल वैकल्पिक रास्ता बनवाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। यह मामला मुड़िया निवासी 90 वर्षीय ललिता बाई पति मोहरलाल अहिरवार की मृत्यु के बाद सामने आया। बीमारी के चलते उनकी मौत हुई थी। परिजन अंतिम संस्कार के लिये शव को गांव के शमशान घाट ले जाना चाहते थे, लेकिन रास्ते की समस्या के कारण उन्हें परेशानी हुई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शमशान के लिये करीब 2 से ढाई एकड़ जमीन दर्ज है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिये उचित रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमण का आरोप भी लगाया है। परिजन और ग्रामीण शव लेकर खुरई-रजवांस सड़क पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि शमशान तक स्थायी रास्ता बनाया जाये और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाये। सूचना मिलने पर शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी और नायब तहसीलदार कमलेश सतनामी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। नायब तहसीलदार ने जेसीबी बुलाकर फिलहाल शमशान तक पहुंचने के लिये वैकल्पिक रास्ता बनवाया। अधिकारियों ने बताया कि पटवारी से जमीन की जानकारी लेने के बाद शमशान की जमीन का सीमांकन कराया जायेगा। इसके बाद रास्ते की व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और शव को अंतिम संस्कार के लिये ले जाया गया। ग्राम पंचायत के सरपंच क्रोध विश्वकर्मा ने बताया कि शमशान की जमीन और रास्ते की समस्या को लेकर अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई है। जमीन का सीमांकन कराकर मुक्तिधाम का काम शुरू कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन अतिक्रमण के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद ने कहा कि उन्हें मुड़िया गांव में अंतिम संस्कार के लिये ग्रामीणों को हो रही परेशानी की जानकारी नही थी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार से चर्चा कर समस्या के समाधान का प्रयास करने की बात कही। ग्रामीणों की मांग है कि सोमवार को बनाया गया वैकल्पिक रास्ता स्थायी किया जाये, शमशान की जमीन का सीमांकन कराया जाये और अतिक्रमण हटाकर व्यवस्थित मुक्तिधाम विकसित किया जाये।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।