तीन ग्राम पंचायतें तीन माह से सचिव विहीन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भी अटके
54 पंचायतों में करीब 32 सचिव, कई के पास दो-दो पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार
सागर/मालथौन। जनपद पंचायत मालथौन की कई ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी के चलते पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। मढ़ैयामाफी, तिगरा बुजुर्ग और सेमरलोधी ग्राम पंचायतों में पिछले दो-तीन माह से सचिव का पद रिक्त है। इन पंचायतों में किसी अन्य सचिव को अतिरिक्त प्रभार भी नहीं दिये जाने से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिये परेशान होना पड़ रहा है। जनपद पंचायत मालथौन के अंतर्गत कुल 54 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि वर्तमान में करीब 32 पंचायत सचिव ही कार्यरत बताये जा रहे हैं। ऐसे में कई सचिवों के पास दो-दो पंचायतों का प्रभार है। अतिरिक्त प्रभार के कारण सचिवों को दोनों पंचायतों में पर्याप्त समय दे पाना मुश्किल हो रहा है। वही जिन पंचायतों में सचिव पूरी तरह से पदस्थ नही हैं, वहां स्थिति और गंभीर बनी हुई है। सचिवों की अनुपस्थिति का असर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई पंचायतों में ऑनलाइन पंजीयन की आईडी और पासवर्ड का संचालन नहीं होने के कारण प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। नियमानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित अवधि में जन्म-मृत्यु का पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था है। इसके बाद लोगों को तहसील स्थित लोकसेवा केंद्र का सहारा लेना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा पीएम आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं और पंचायत के विकास कार्यों से संबंधित काम भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों को पंचायत भवन और जनपद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सचिव नहीं होने के कारण वे भी ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं करा पा रहे हैं। मढ़ैयामाफी ग्राम पंचायत के सरपंच राजकुमार राय ने बताया कि पंचायत में सचिव के सेवानिवृत्त होने के बाद करीब तीन माह से नया सचिव पदस्थ नहीं किया गया है। जनपद पंचायत द्वारा दो माह से अधिक समय पहले जिला पंचायत को सचिव की पदस्थापना के लिये पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पंचायत के शासकीय कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और हितग्राही एवं ग्रामीण परेशान हैं। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ को भी अवगत कराया गया है। तिगरा बुजुर्ग निवासी लाखन सिंह लोधी ने बताया कि पंचायत में करीब दो माह से सचिव नहीं हैं। ग्रामीणों के सामान्य कामकाज के साथ जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी आ रही है। वहीं सेमरलोधी के आकाश सिंह ने बताया कि पंचायत में लंबे समय से सचिव नहीं होने के कारण शासकीय और हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। जनपद पंचायत मालथौन की सीईओ मीना कश्यप ने बताया कि रिक्त ग्राम पंचायतों में सचिवों की पदस्थापना के लिये जिला पंचायत को प्रस्ताव भेजा गया है। जिला पंचायत सीईओ को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है। जल्द ही रिक्त पंचायतों में सचिवों की पदस्थापना के आदेश जारी होने की उम्मीद है।








