चाय दुकानदारों से डिस्पोजल कप हटवाकर अधिवक्ता संघ ने दिए कांच के ग्लास, नियमित निगरानी का भी फैसला
सागर। प्लास्टिक के डिस्पोजल कपों के बढ़ते इस्तेमाल से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ सागर ने न्यायालय परिसर से प्लास्टिक के खिलाफ अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिला न्यायालय परिसर के बाहर चाय की दुकानों पर इस्तेमाल किए जा रहे प्लास्टिक के डिस्पोजल कप हटवाए गए और दुकानदारों को उनकी जगह निःशुल्क कांच के ग्लास उपलब्ध कराए गए।
अधिवक्ता संघ ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से समझाया कि आगे ग्राहकों को चाय प्लास्टिक के डिस्पोजल कप में न दी जाए। अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने के साथ लोगों को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।
अभियान की शुरुआत जिला अधिवक्ता संघ सागर के अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे ने चाय दुकानदारों को स्वयं कांच के ग्लास वितरित करके की। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में रोज बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पक्षकार, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। परिसर के बाहर स्थित चाय की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में प्लास्टिक के कपों के बजाय कांच के ग्लास का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर पहल
अंकलेश्वर दुबे ने कहा कि प्लास्टिक का जरूरत से ज्यादा उपयोग स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर डालता है। इसलिए लोगों के बीच प्लास्टिक के कम इस्तेमाल को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। इसी सोच के साथ अभियान की शुरुआत जिला न्यायालय परिसर के बाहर से की गई है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर के बाहर संचालित चाय की दुकानों पर अब डिस्पोजल कप की जगह कांच के ग्लास में चाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुकानदारों को ग्लास निःशुल्क दिए गए हैं, जिससे प्लास्टिक कप हटाने में उन्हें अतिरिक्त खर्च या किसी अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘नो यूज प्लास्टिक’ का संदेश
इस पहल की आचरण समाचार पत्र के महाप्रबंधक सुनील जैन ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘नो यूज प्लास्टिक’ की दिशा में न्यायालय परिसर से शुरू किया गया यह प्रयास लोगों को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।
सुनील जैन ने बताया कि आचरण समाचार पत्र की ओर से भी समय-समय पर पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ता संघ की पहल को जनजागरूकता की दिशा में किया गया प्रयास बताया।
शहरभर में प्लास्टिक कम करने का लक्ष्य
अधिवक्ता संघ के सचिव जितेंद्र राठौर ने कहा कि अभियान की शुरुआत जिला न्यायालय परिसर से जरूर हुई है, लेकिन इसका संदेश पूरे शहर तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर चाय की दुकानों पर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक डिस्पोजल कपों को हटाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत छोटे स्तर से होती है। इसी उद्देश्य से न्यायालय परिसर को अभियान का पहला स्थान बनाया गया है। आने वाले समय में इसे और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
प्लास्टिक कचरा कम करने पर जोर
अधिवक्ता संघ की कोषाध्यक्ष आरती जैन ने कहा कि डिस्पोजल कपों की जगह कांच के ग्लास का इस्तेमाल शुरू करने से प्लास्टिक कचरे को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की जरूरतों में प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की आदत विकसित करनी चाहिए।
दुकानों पर रखी जाएगी नजर
अधिवक्ता संघ के उपकोषाध्यक्ष उमाशंकर विनोदे ने बताया कि अभियान केवल दुकानदारों को कांच के ग्लास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा। संघ की ओर से न्यायालय परिसर के बाहर संचालित चाय दुकानों पर समय-समय पर निगरानी भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समझाइश के बाद भी यदि कोई दुकानदार प्लास्टिक के डिस्पोजल कप में चाय परोसता पाया गया तो नियमानुसार जुर्माना करवाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का मकसद दुकानदारों को परेशान करना नहीं, बल्कि प्लास्टिक का इस्तेमाल रोककर ग्राहकों के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प को बढ़ावा देना है।
वार्ड की अन्य दुकानों तक अभियान ले जाने की तैयारी
संबंधित वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि रौशनी वसीम खान ने भी इस पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय परिसर उनके वार्ड में आता है और यहां से प्लास्टिक के खिलाफ शुरू हुआ अभियान पूरे वार्ड के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है।
उन्होंने बताया कि वार्ड में संचालित अन्य चाय दुकानदारों को भी पार्षद महोदया की ओर से प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए समझाइश दी जाएगी। न्यायालय परिसर से शुरू हुए अभियान को वार्ड स्तर पर भी आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
न्यायालय परिसर से लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
जिला न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पक्षकार, कर्मचारी और आम लोग पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर के बाहर प्लास्टिक डिस्पोजल कपों के इस्तेमाल को रोकने की पहल को व्यापक जनजागरूकता से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके प्लास्टिक के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अभियान के दौरान दुकानदारों को कांच के ग्लास देने के साथ ग्राहकों को चाय इन्हीं ग्लास में परोसने की समझाइश भी दी गई। संघ के पदाधिकारियों ने दुकानदारों से अभियान में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे, आचरण समाचार पत्र के महाप्रबंधक सुनील जैन, कोषाध्यक्ष आरती जैन, उत्कर्ष श्रीवास्तव, उपकोषाध्यक्ष उमाशंकर विनोदे, अमित मिश्रा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।








