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विजयादशमी से दिग्विजय सिंह निकालेंगे ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’, RSS-BJP और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

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विजयादशमी से दिग्विजय सिंह निकालेंगे ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’, RSS-BJP और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर अयोध्या में संपन्न होगी यात्रा; कांग्रेस नेता बोले—सनातन धर्म और हिंदुत्व अलग-अलग अवधारणाएं, ईवीएम में गड़बड़ी के भी लगाए आरोप

इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह विजयादशमी के अवसर पर ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर अयोध्या में समाप्त होगी। यात्रा की घोषणा के लिए शनिवार को इंदौर पहुंचे सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने सनातन धर्म और हिंदुत्व को अलग बताते हुए आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों और मंदिर निर्माण के नाम पर चंदे में अनियमितताएं हुई हैं।

दिग्विजय सिंह ने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यदि उन्हें मशीन उपलब्ध कराई जाए, तो वह मतदान में कथित गड़बड़ी को साबित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा बम विस्फोट करवाए जाने के सबूत हैं।

राम मंदिर को लेकर कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोप गलत: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस पर राम मंदिर निर्माण का विरोध करने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस की ओर से इस संबंध में गलत प्रचार किया जाता है। उनका आरोप है कि भाजपा और संघ मंदिर के नाम पर चंदा जुटाते हैं और इसमें घोटाले होते हैं।

सिंह ने कहा कि राम जन्मभूमि का ताला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुलवाया गया था। उनके मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन अधिगृहित की थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान मंदिर जिस स्थान पर बना है, वह वही जमीन है जो कांग्रेस सरकार ने उपलब्ध कराई थी।

प्रस्तावित यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह एक ऑनलाइन याचिका के लिए भी समर्थन जुटाएंगे। इस याचिका में संविधान की रक्षा, देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और ईवीएम के बिना निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा धार्मिक ट्रस्टों से सरकारी अधिकारियों और संघ से जुड़े लोगों को हटाकर शंकराचार्यों तथा अन्य धर्मगुरुओं को ट्रस्टी बनाने की मांग भी की जाएगी।

‘सनातन धर्म और हिंदुत्व एक नहीं’, भाजपा और ओवैसी पर भी निशाना

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म और हिंदुत्व को एक ही मानना सही नहीं है। उनके अनुसार, विनायक दामोदर सावरकर ने करीब 1930 के आसपास हिंदुत्व शब्द का इस्तेमाल किया था। सिंह का दावा है कि सनातन धर्म सभी के प्रति समान भाव रखने की शिक्षा देता है, जबकि हिंदुत्व के नाम पर दूसरे धर्मों के प्रति नफरत को बढ़ावा दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि गोधरा कांड के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विषय पर भाषण दिया था। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, वह अपनी यात्रा के दौरान उस भाषण को भी लोगों के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि कट्टरता किसी भी धर्म का मूल आधार नहीं हो सकती।

सिंह ने मोहम्मद अली जिन्ना और सावरकर का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दोनों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और देश के विभाजन की जमीन तैयार करने में भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा दौर में भाजपा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति से समाज में वैमनस्य बढ़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कट्टरपंथी ताकतों ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और शिक्षण संस्थानों जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर प्रभाव जमा लिया है।

राम मंदिर के चंदे में गड़बड़ी का आरोप, विहिप और संघ पर उठाए सवाल

राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1990 के दशक में उन्होंने भी रामशिला पूजन किया था और मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। उनके अनुसार, उस समय विश्व हिंदू परिषद ने देशभर से 8.29 करोड़ रुपये चंदा मिलने की जानकारी दी थी, जबकि वास्तविक राशि 1,400 करोड़ रुपये थी।

सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर पहले भी चंदे में गड़बड़ी हुई और निर्माण के दौरान भी ऐसी अनियमितताएं की गईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक ट्रस्ट में शंकराचार्यों और धर्मगुरुओं को स्थान देने के बजाय विश्व हिंदू परिषद और संघ से जुड़े लोगों को ट्रस्टी बनाया गया।

कांग्रेस नेता का आरोप है कि इस व्यवस्था के चलते चंदे और जमीन से जुड़े घोटालों को अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस के बड़े भवनों के निर्माण में कथित तौर पर इसी पैसे का इस्तेमाल हो रहा है।

दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ से जुड़े लोग वहां की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और माधव सेवा ट्रस्ट के नाम पर होटल बनाई जा रही है।

ईवीएम से चुनाव कराने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करके चुनाव जीतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें ईवीएम दी जाए, तो वह कथित गड़बड़ियों को सामने ला सकते हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ईवीएम को लेकर स्वतंत्र जांच या परीक्षण की अनुमति नहीं देता।

सिंह ने मांग की कि यदि चुनाव ईवीएम से ही कराए जाते हैं, तो मतदाताओं को वीवीपैट की पर्ची भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि जिन सात देशों में ईवीएम के जरिए मतदान होता है, वहां भी ऐसी व्यवस्था लागू है।

प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के जरिए दिग्विजय सिंह धार्मिक ट्रस्टों की व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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