ट्रेन में तेज आवाज में रील देखना पड़ सकता है भारी, ईयरफोन के बिना गाने सुनने या वीडियो चलाने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
ईयरफोन के बिना गाने सुनने या वीडियो चलाने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, नियम तोड़ने पर एक हजार रुपये तक जुर्माना या छह महीने की जेल का प्रावधान
ग्वालियर। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर रील देखना, गाने सुनना या वीडियो चलाना आम बात है, लेकिन तेज आवाज में मनोरंजन करना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। रेलवे ने यात्रियों को इस तरह के व्यवहार से बचने की सलाह दी है। सहयात्रियों की शांति भंग करने और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक शोर करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें एक हजार रुपये तक का जुर्माना, छह महीने तक की जेल या दोनों सजाएं शामिल हो सकती हैं।
जन विश्वास अधिनियम के संशोधनों का दिया हवाला
रेलवे ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। रेलवे के अनुसार, यात्रियों को केवल ट्रेन के भीतर ही नहीं, बल्कि प्लेटफार्म और प्रतीक्षालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए।
अक्सर ट्रेन में सफर के दौरान कुछ यात्री मोबाइल के स्पीकर पर तेज आवाज में वीडियो चलाते हैं, जबकि कई बार मोबाइल की रिंगटोन भी पूरे कोच में सुनाई देती है। रात के समय इस तरह का शोर उन यात्रियों के लिए खास तौर पर परेशानी पैदा करता है, जो आराम करना या सोना चाहते हैं।
ईयरफोन का करें इस्तेमाल, आवाज भी रखें धीमी
रेलवे ने यात्रियों को गाने सुनने और वीडियो देखने के लिए ईयरफोन का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही, मोबाइल पर बातचीत करते समय आवाज धीमी रखने और बेवजह शोर करने से बचने को कहा है।
रेलवे का कहना है कि मोबाइल पर मनोरंजन करने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन इसका तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे दूसरे यात्रियों को असुविधा न हो। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर यात्री आपसी विवाद से बच सकते हैं और ट्रेन में सभी के लिए सफर को अधिक आरामदायक बना सकते हैं।








