सागर : नशेड़ियों और गजिडियों का आतंक, बच्चे भी बन रहे शिकार
सागर/खुरई। शहर में नशे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि अब बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, गांजा, शराब और ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थों का सेवन आम होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार नशे के लिये अब बोनफिक्स या पंचर जोड़ने में उपयोग होने वाले साल्यूशन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नशेड़ी इस साल्यूशन को प्लास्टिक की पन्नी में निकालकर उसमें मुंह नाक डालकर सूंघते हैं और कुछ ही देर में मदहोशी की हालत में पहुंच जाते हैं। शुक्रवार सुबह रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक नाबालिग को साल्यूशन सूंघकर नशा करते हुये देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नशे की लत बच्चों तक पहुंच रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे नशेड़ी अक्सर सुनसान घरों को निशाना बनाकर चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। शहर के कुछ मेडिकल स्टोरों पर भी नशे से जुड़ी सामग्री आसानी से मिल जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर में शराबियों, नशेड़ियों और गजिडियों के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया है। सुबह और शाम जैन मंदिर, महामंगला महाकाली मंदिर पठार और श्री देव हनुमान जी मंदिर जाने वाली महिलाओं के साथ अभद्र इशारे किये जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नशे के आदी कुछ लोग खुलेआम गलियों और मोहल्लों में घूमते रहते हैं, लेकिन उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। लोगों ने बताया कि बबलू गौड़ नाम का एक व्यक्ति गांजा और साल्यूशन का अत्याधिक सेवन करता है, जिससे वह कई बार अनियंत्रित व्यवहार करने लगता है। गौरतलब है कि पिछले महीने शहर की सिद्धि कॉलोनी में एक नशेड़ी व्यक्ति द्वारा सफाईकर्मी की हत्या की घटना भी सामने आई थी। इसके बावजूद नागरिकों का कहना है कि नशेड़ियों, गजिडियों और शराबियों पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शहर में नशे के बढ़ते कारोबार और नशेड़ियों पर सख्त कार्यवाही की जाये, ताकि शहर का माहौल सुरक्षित रह सके।
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by Suraj Sen
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