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शराब दुकान में घुसी भीड़, बोतलें फोड़ी महिलायें बोली घरों में विवाद होते, मैनेजर ने बताया 20 से 25 लाख का नुकसान

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शराब दुकान में घुसी भीड़, बोतलें फोड़ी
महिलायें बोली घरों में विवाद होते, मैनेजर ने बताया 20 से 25 लाख का नुकसान

सागर/बीना। बंडा में जहरीली शराब से मौतों के बाद पूरे जिले में शराब दुकानों को हटाने की मांग को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को बीना क्षेत्र के बारधा गांव में ग्रामीणों का गुस्सा शराब दुकान पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने दुकान पहुंचकर हंगामा किया और दुकान में रखी शराब की बोतलें तोड़ दी। इस दौरान दुकान के सीसीटीवी कैमरों में भी तोड़फोड़ हुई। घटना की सूचना मिलते ही बीना एसडीओपी अजय कुमार सनकत, थाना प्रभारी अनूप यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने हंगामा कर रही भीड़ को वहां से हटाया। घटना के बाद शराब दुकान के मैनेजर ने ग्रामीणों के प्रदर्शन के पीछे ग्राम पंचायत के सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत पर आरोप लगाये हैं। मैनेजर का कहना है कि सरपंच ने उनसे रुपये मांगे थे। वही सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शराब दुकान को सड़क किनारे से हटाने और अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था। ग्रामीण इमरती बाई अहिरवार, निशा कुशवाहा और विमला बाई अहिरवार ने बताया कि गांव में शराब दुकान होने के कारण पुरुष आये दिन शराब पीकर घर और गांव में विवाद करते हैं। उनका कहना है कि शराब का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है और कुछ बच्चे भी इसकी लत की ओर बढ़ रहे हैं। महिलाओं के अनुसार शराब की वजह से गांव का माहौल खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शराब दुकान को गांव से हटाने की मांग पहले भी प्रशासन से की गई थी। लेकिन कार्रवाई न होने पर रविवार को महिलाओं और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शराब दुकान के मैनेजर राहुल सेन ने आरोप लगाया कि वे दुकान पर बैठे हुये थे, तभी सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ वहां पहुंचे। उनके अनुसार भीड़ दुकान के अंदर घुस गई और शराब की बोतलें उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। महिलाओं ने भी दुकान में तोड़फोड़ की और सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया। मैनेजर के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान दुकान में रखी करीब 20 से 25 लाख रुपये कीमत की शराब की बोतलें तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान में रखे करीब 40 से 45 हजार रुपये भी लोग ले गये। मैनेजर ने कहा कि भीड़ इतनी उत्तेजित थी कि दुकान में मौजूद कर्मचारियों के लिये खुद को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया था। मैनेजर राहुल सेन और बंटी श्रीवास ने सरपंच पर शराब दुकान चलाने के एवज में रुपये मांगने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 15 अगस्त को सरपंच करीब सात घंटे तक दुकान पर बैठे रहे और पंचायत के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मिठाई के लिये 40 हजार रुपये की मांग की। दबाव में उन्हें 10 हजार रुपये दिये गये। मैनेजर के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले भी सरपंच ने दुकान चलाने के लिये एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर दुकान बंद कराने और हंगामा कराने की धमकी दी गई थी। मैनेजर का दावा है कि रविवार की घटना इसी विवाद का परिणाम है। वही सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत ने शराब दुकान के मैनेजर के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि शराब दुकान सड़क के पास स्थित है, जिसके कारण आये दिन दुर्घटनायें होती हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। सरपंच के अनुसार 15 अगस्त को भी दुकान से अवैध रूप से शराब बेचे जाने की सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई शराब के मामले को लेकर दुकान संचालक पक्ष के लोग रुपये लेने के आरोप लगा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत हैं। सरपंच ने दावा किया कि रविवार को महिलाओं ने शराब दुकान पर प्रदर्शन किया था और वह बाद में मौके पर इसलिये पहुंचे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। घटना के बाद जब एसडीओपी अजय कुमार सनकत से मामले में बयान मांगा गया तो उन्होंने थाना प्रभारी अनूप यादव से जानकारी लेने की बात कही। वहीं थाना प्रभारी से बयान लेने पर उन्होंने एसडीओपी से बयान लेने को कहा। दोनों अधिकारी मामले में बयान देने से बचते नजर आये और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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