सागर : ईरान-इजरायल तनाव का असर: सागर में गैस सिलेंडर की बुकिंग दोगुनी, एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें
सागर। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच गैस की कमी और दाम बढ़ने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और कई लोगों को बुकिंग कराने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहले जहां रोजाना करीब 250 सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं पिछले कुछ दिनों से यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में रखे खाली सिलेंडरों की एक साथ रिफिल करवा रहे हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण फोन से बुकिंग करने में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में उपभोक्ता सीधे एजेंसी पहुंचकर वॉट्सएप या अन्य एप के माध्यम से बुकिंग करा रहे हैं।
गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। लोगों को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते कहीं गैस की कमी न हो जाए या दाम न बढ़ जाएं, इसलिए वे पहले से ही सिलेंडर स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों की भी बढ़ी चिंता
गैस की संभावित कमी और बढ़ती कीमतों की आशंका के चलते कई रेस्टोरेंट संचालक भी परेशान हैं। कुछ रेस्टोरेंटों में ताला लग चुका है, जबकि कई बंद होने की कगार पर हैं। कुछ संचालकों का कहना है कि अगर गैस की समस्या बढ़ी तो वे लकड़ी की भट्टी पर सामान बनाना शुरू कर देंगे।
25 दिन बाद ही हो सकेगी दूसरी बुकिंग
नए नियम के अनुसार एक सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन तक दूसरे सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकती। हालांकि जानकारी के अभाव में कई उपभोक्ता दूसरी बुकिंग कराने के प्रयास में खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं। एजेंसी संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को इस नियम के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं: मंत्री
प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 50 प्रतिशत गैस का उत्पादन होता है, जबकि बाकी गैस विदेशों से आती है। फिलहाल मध्यप्रदेश में घरेलू और कमर्शियल गैस की कोई कमी नहीं है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थिति की निगरानी के लिए तीन मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है, जो लगातार हालात पर नजर रख रही है और केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








