मवेशी चराने से रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, दो वनरक्षक और चौकीदार घायल
कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से मारपीट का आरोप, गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया
बैतूल। सारनी वन परिक्षेत्र के राजेगांवखापा में वन भूमि पर तैयार किए गए करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र के प्लांटेशन में मवेशी चराने से रोकने पहुंची वन विभाग की टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शनिवार सुबह करीब 4 बजे मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पर 10 से 12 लोगों ने हमला कर दिया। घटना में दो वनरक्षक और एक चौकीदार घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल वनरक्षक सुनील वट्टी और चौकीदार परसू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मवेशी चराने की शिकायत के बाद पहुंची थी टीम
वन विभाग को जानकारी मिली थी कि खापा के प्लांटेशन क्षेत्र में मवेशियों को अवैध रूप से चराया जा रहा है। विभाग की ओर से पहले भी संबंधित लोगों को प्लांटेशन में मवेशी नहीं चराने की हिदायत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वहां मवेशी चराए जाने की शिकायत मिलती रही।
इसी सूचना के आधार पर शनिवार सुबह वनरक्षक सुनील वट्टी, हिवराज कंगाले, अभिषेक रघुवंशी सहित अन्य चौकीदार मौके पर पहुंचे थे। टीम का उद्देश्य प्लांटेशन क्षेत्र में मवेशियों को चराने से रोकना था।
विवाद के बाद कुल्हाड़ी और डंडों से हमला
घायल वनरक्षक सुनील वट्टी के अनुसार, मौके पर मौजूद करीब 10 से 12 लोगों के साथ वन विभाग की टीम का विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आरोप है कि लोगों ने कुल्हाड़ी तथा लाठी-डंडों से वनकर्मियों पर हमला कर दिया।
हमले में वनरक्षक सुनील वट्टी, अभिषेक रघुवंशी और चौकीदार परसू घायल हुए। घटना की जानकारी मिलने के बाद खापा के परिक्षेत्र सहायक रोवा धुर्वे अन्य वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति वाले वनकर्मियों को जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।








