महिला आरक्षण पर सरकार का बड़ा प्लान : अप्रैल में विशेष सत्र, लोकसभा सीटें 816 करने की तैयारी
बजट सत्र के समापन के बीच सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए संसद की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित न करने का मन बनाया है। इसके स्थान पर 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण लागू करने में आ रही अड़चनों को दूर करना और जरूरी संशोधन विधेयकों को पारित करना होगा।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को समाप्त होने वाला बजट सत्र इस बार अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा। सरकार की योजना है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो-तीन दिन के लिए संसद की बैठक फिर से बुलाई जाए, जिसमें महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा। इसी क्रम में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए भी विधेयक लाने की तैयारी है।
इस वर्ष 28 जनवरी से शुरू हुआ बजट सत्र 2 अप्रैल को खत्म होना तय था, लेकिन सरकार इसे कुछ दिनों के अंतराल के बाद सीमित अवधि के लिए आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति सदनों को स्थगित करते समय अगली बैठक की तारीख की घोषणा कर सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस बार स्थगन के साथ ही यह स्पष्ट कर दिया जाएगा कि संसद की अगली बैठक कब होगी। संभावना है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दोनों सदनों की बैठक दो-तीन दिनों के लिए आयोजित की जाए। इस दौरान सरकार संविधान संशोधन विधेयक पेश कर सकती है, जिसके जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एनडीए के सहयोगी दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय नेताओं से अलग-अलग मुलाकातें की हैं। गौरतलब है कि 2023 में संसद ने महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाला संविधान संशोधन विधेयक पारित किया था, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया परिसीमन के बाद ही संभव है। चर्चाओं के अनुसार, प्रस्तावित ढांचे में लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती हैं, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।








