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हनुमान जन्मोत्सव स्पेशल: जानिए क्यों खास है यह दिन, क्या है जन्म की कथा और कैसे करें सरल पूजा विधि

हनुमान जन्मोत्सव स्पेशल: जानिए क्यों ...

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हनुमान जन्मोत्सव स्पेशल: जानिए क्यों खास है यह दिन, क्या है जन्म की कथा और कैसे करें सरल पूजा विधि

​हनुमान जी केवल एक देवता नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और बुद्धि के जीवंत संतुलन हैं। 2 अप्रैल 2026 का हनुमान जन्मोत्सव विशेष है क्योंकि यह गुरुवार के दिन पड़ रहा है, जो गुरु और ज्ञान का प्रतीक है।

​अप्सरा पुंजिकस्थला से माता अंजना तक का सफर
​माता अंजना पूर्व जन्म में इंद्र की सभा में पुंजिकस्थला नामक अप्सरा थीं। एक ऋषि के श्राप और इंद्र के वरदान के बीच बुनी यह कथा हमें सिखाती है कि नियति कैसे ईश्वर के अवतार का मार्ग प्रशस्त करती है।
*​श्राप:* वानरी रूप धारण करना।
*​वरदान:* साक्षात शिव के अंश को पुत्र रूप में पाना।
*​ जब ‘शिव’ बने ‘पवनपुत्र’ ​हनुमान जी के जन्म में पांच तत्वों और शक्तियों का मिलन है:*
*​माता अंजना:* भौतिक शरीर (कोख)।
*​पिता केसरी:* शौर्य और नाम।
*​भगवान शिव:* आत्म-तत्व (अंश)।
*​पवन देव:* गति और शक्ति (कर्णरन्ध्र के माध्यम से प्रवेश)।
*​अग्नि देव:* प्रसाद रूपी खीर (माध्यम)।
*​ बाल हनुमान की ‘सूर्य-लीला’ और नाम का रहस्य ​बचपन में जब उन्हें भूख लगी, तो उन्होंने ब्रह्मांड के सबसे बड़े ऊर्जा स्रोत ‘सूर्य’ को ही फल समझ लिया।*
*​अद्भुत तथ्य:* सूर्य देव ने उन्हें जलाया नहीं, बल्कि एक अबोध बालक समझकर अपना तेज प्रदान किया।
​नाम ‘हनुमान’ कैसे पड़ा? जब इंद्र ने वज्र से प्रहार किया, तो उनकी ‘हनु’ (ठुड्डी) टूट गई। तभी से वे ‘हनुमान’ कहलाए।

*चोला चढ़ाने की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विधि*
​हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा भाव है।
*​सिंदूर:* सौभाग्य और ऊर्जा का प्रतीक।
*​चमेली का तेल:* एकाग्रता और शीतलता प्रदान करता है।
*​विशेष टिप:* चोला हमेशा ‘सृष्टि क्रम’ (पैर से सिर की ओर) में चढ़ाएं। यह शांत और सौम्य भक्ति का प्रतीक है।
​सरल पूजन विधि: 5 मिनट का मानसिक शांति मार्ग
*​अगर आप विस्तार से पूजा नहीं कर सकते, तो इन 5 चरणों का पालन करें:*
*​ध्यान:* “अतुलितबलधामं…” मंत्र का उच्चारण।
*​अर्पण:* लाल पुष्प और गुड़-चने का भोग।
*​प्रकाश:* गाय के घी का दीपक।
*​पाठ:* हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ।
*क्षमा: अनजाने में हुई भूल के लिए प्रार्थना।

क्या आप जानते हैं?
​बजरंगबली शब्द ‘वज्रांग-बली’ का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ है जिसका अंग वज्र के समान कठोर हो।
​हनुमान जी अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता हैं, यानी वे भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह की सफलता दे सकते हैं।
हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे! कर्मकांड ज्योतिष विषेशज्ञ – डॉ अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ 9936443138

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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