लोधी बाहुल्य पतलोनी गांव बना मिसाल: लगातार सरकारी सेवाओं में चयनित हो रहे युवा
दमोह का पतलोनी गांव बना ‘सफलता की पाठशाला’, शिक्षा से बदल रही युवाओं की तकदीर
खेल और शिक्षा का संगम: पतलोनी के युवा बना रहे सरकारी नौकरी में पहचान
तेंदूखेड़ा ! ब्लॉक की ग्राम पंचायत पतलोनी में इन दिनों शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। जहां कभी युवा पारंपरिक खेती तक सीमित रहते थे, वहीं अब गांव के युवाओं का रुझान शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में इस गांव के कई युवाओं ने सरकारी सेवाओं में चयन प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया है। वर्ष 2023 में गजेंद्र सिंह लोधी (पिता चरन सिंह लोधी) का चयन डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विद्यालय में लैब अटेंडेंट के पद पर हुआ। इसके बाद दीपेश झरिया (पिता सुभाष झरिया अध्यापक) पुलिस आरक्षक पद पर चयनित हुए।
वर्ष 2024 में विकास सिंह लोधी (पिता झाम सिंह लोधी) ने अग्निवीर के रूप में चयनित होकर गांव का गौरव बढ़ाया। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में सारांश झरिया (पिता संतोष झरिया अध्यापक) का चयन पुलिस आरक्षक के पद पर हुआ है, जिससे गांव में हर्ष का माहौल है।
खेलों में भी अव्वल
पतलोनी गांव केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेलों में भी अपनी अलग पहचान रखता है। खासकर कबड्डी में यहां से दर्जनों खिलाड़ी राज्य स्तर तक पहुंच चुके हैं। खेलों के प्रति इस मजबूत रुझान के कारण युवाओं का शारीरिक विकास बेहतर होता है, जो सेना एवं पुलिस जैसी नौकरियों में चयन के लिए सहायक साबित हो रहा है।
बदल रही सोच, बन रहा भविष्य
गांव के युवाओं में अब जागरूकता बढ़ रही है। वे खेती के साथ-साथ पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि पतलोनी गांव धीरे-धीरे शिक्षा और सफलता का केंद्र बनता जा रहा है।
इस उपलब्धि पर ग्राम के प्राचार्य अनरत सिंह, परम लाल बीआरसीसी, गणेश मेहरा (मेहरा समाज जिलाध्यक्ष), महेंद्र दीक्षित, पहारी सिंह, साहब सिंह (सेल्समैन), देवेन्द्र मालगुजार, शिवाजी मालगुजार, बेड़ी सिंह (सदर), मनोहर सिंह एवं शोएब पठान , शिवराज सिंह सहित ग्रामीणों ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।








