अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कार्रवाई, जबलपुर रेंज आईजी को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी; 1 अक्टूबर को पेश होने के निर्देश
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने जबलपुर रेंज के आईजी को वारंट की तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही छिंदवाड़ा एसपी को 1 अक्टूबर 2026 को अदालत के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मृत्यु के बाद विभाग की ओर से की गई 2.24 लाख रुपए की रिकवरी से संबंधित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हाईकोर्ट ने रिकवरी पर रोक लगाते हुए संबंधित राशि वापस करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया।
पति की मौत के बाद 2.24 लाख की रिकवरी
जबलपुर निवासी सीता तिवारी ने अधिवक्ता सचिन पांडे के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया है कि उनके पति संतोष तिवारी छिंदवाड़ा में पुलिस विभाग में पदस्थ थे। सेवाकाल के दौरान 14 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था। इसके बाद विभाग ने उनके विरुद्ध 2.24 लाख रुपए की रिकवरी निर्धारित कर दी।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक जैन की अदालत में हुई थी। कोर्ट ने विभाग की ओर से की गई रिकवरी का आदेश निरस्त कर दिया था। साथ ही संबंधित राशि 8 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने के निर्देश दिए थे।
2025 में जारी हुआ था अवमानना नोटिस
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष बताया गया कि वर्ष 2025 में अवमानना नोटिस जारी किए जाने के बावजूद आदेश के पालन से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। सुनवाई में यह भी जानकारी दी गई कि छिंदवाड़ा एसपी ने 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अपर सचिव को पत्र भेजा था। इसमें नोटिस प्राप्त होने और आवश्यक मंजूरी से संबंधित जानकारी दी गई थी।
हालांकि, इसके बाद भी हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की कार्रवाई पूरी नहीं हुई। मामले में आदेश का पालन नहीं होने को देखते हुए हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।
अदालत ने जबलपुर रेंज के आईजी को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छिंदवाड़ा एसपी को 1 अक्टूबर 2026 को कोर्ट में उपस्थित होकर मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है।








