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डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में एनएसयूआई का प्रदर्शन, एनएसयूआई ने चुनाव सहित इन मांगों को लेकर खोला मोर्चा

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय ...

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सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार दोपहर छात्रों का गुस्सा उफान पर दिखाई दिया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की सागर इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए छात्र हितों से जुड़ी कई मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विश्वविद्यालय में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराना था, जिसे लेकर लंबे समय से छात्र असंतोष जता रहे हैं।

छात्रों की मुख्य मांग – प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की आवाज़ अनसुनी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कई वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं और जब भी होते हैं, उन्हें अप्रत्यक्ष प्रणाली के तहत कराया जाता है। छात्रों का कहना है कि यह प्रणाली छात्रहितों के खिलाफ है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि आगामी छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि छात्र अपने प्रतिनिधियों को सीधे चुन सकें।

छात्रावासों और शिक्षकों की कमी पर भी जताई नाराजगी

छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में छात्रावासों की स्थिति बेहद खराब है।
स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, इंटरनेट सुविधा और अन्य बुनियादी संसाधनों की भारी कमी है। कई छात्रावासों में पीने के पानी और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

साथ ही छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों और शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि अध्यापकों की कमी के कारण कक्षाएं नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में सुचारुता लाई जा सके।

कुलपति का पुतला जलाने से पहले रोकी गई भीड़

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब एनएसयूआई कार्यकर्ता कुलपति का पुतला जलाने की कोशिश करने लगे।
हालांकि मौके पर पहले से मौजूद पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाटर कैनन से बौछार कर छात्रों को तितर-बितर कर दिया और पुतला अपने कब्जे में ले लिया।
इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्का धक्का-मुक्की का भी माहौल देखने को मिला, लेकिन स्थिति जल्दी ही नियंत्रण में आ गई।

एनएसयूआई पदाधिकारियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अंशुल शर्मा ने कहा कि छात्रों की आवाज़ लगातार दबाई जा रही है और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।
उन्होंने कहा, “हमारी प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से हों। साथ ही छात्रावासों में स्वच्छता, भोजन और अन्य सुविधाओं को बेहतर किया जाए। शिक्षकों की कमी दूर कर शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो एनएसयूआई आंदोलन को राज्य स्तर तक विस्तारित करेगी और यह विरोध और भी व्यापक रूप लेगा।

छात्रों की उम्मीद – मिले बेहतर सुविधा और प्रतिनिधित्व

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि उन्हें सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि छात्रावास और प्रवेश प्रक्रिया में स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता दी जाए और पुस्तकालय, इंटरनेट, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी छात्र सुविधाओं को सशक्त बनाया जाए।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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