सागर : नौकरी दिलाई, सहारा मांगा तो मुंह मोड़ा जनसुनवाई में बुजुर्ग मां की दर्दभरी गुहार
सागर कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार दोपहर 12 बजे एक महिला की व्यथा ने सभी को भावुक कर दिया। दिवंगत पति की फोटो लेकर पहुंचीं साधना सोनी ने बताया कि जिन बेटों को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया और नौकरी तक लगवाई, वही अब उन्हें सहारा नहीं दे रहे हैं।
साधना सोनी, स्व. लवकुश सोनी की पत्नी हैं। वर्तमान में मोहन नगर वार्ड में किराए के कमरे में रहती है। साधना सोनी के अनुसार उनके पति कलेक्टर कार्यालय में चपरासी थे। निधन के बाद उन्होंने छोटे बेटे नीलेश सोनी को अनुकंपा नियुक्ति दिलवाई, लेकिन आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद उसने जिम्मेदारी नहीं निभाई। वहीं बड़े बेटे दीपेश सोनी, जो अच्छी नौकरी में हैं, मां को कोई आर्थिक सहयोग नहीं देते।
महिला ने आरोप लगाया कि बेटों ने उनके नाम पर लोन ले रखा है, जिससे उनकी पेंशन का बड़ा हिस्सा कट जाता है। छोटे बेटे के मोबाइल लोन के कारण तो पूरी पेंशन खत्म हो जाती है, जिससे उन्हें गुजारे के लिए उधार लेना पड़ता है। वह किराए के मकान में अकेली रह रही हैं और आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं।
आवेदन में उन्होंने मांग की है कि दोनों बेटों से हर माह 5-5 हजार रुपये दिलवाए जाएं। यह उनका तीसरा आवेदन है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। भावुक होकर उन्होंने कहा, सब कुछ दिया, लेकिन आज मैं ही बेसहारा हूं। यह मामला एक बार फिर बुजुर्गों की उपेक्षा पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक उन्हें राहत दिला पाता है।








