सागर में दर्दनाक घटना: मां ने चार मासूम बेटियों को कुएं में फेंका, फिर पेड़ से लटककर दी जान
सागर। सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपनी चार छोटी बेटियों को खेत में बने कुएं में फेंकने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह महिला का शव खेत के पास एक पेड़ से लटका मिला, जबकि चारों बच्चियों के शव करीब 20 फीट गहरे कुएं से बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार मृत महिला की पहचान सविता बाई (28) पत्नी चंद्रभान लोधी के रूप में हुई है। इस घटना में उसकी चार बेटियां अंशिका (7), रक्षा (5), दीक्षा (3) और पांच महीने की मनीषा की भी मौत हो गई। बच्चियों के शव घर से लगभग 500 मीटर दूर खेत में बने कुएं से निकाले गए।
रात में सब सोए, सुबह मां-बेटियां गायब
परिजनों ने बताया कि बुधवार रात परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सो गए थे। घर में उस समय सविता के ससुर और उसकी नाबालिग बहन भी मौजूद थीं।
सुबह जब परिवार के लोग जागे तो सविता और उसकी चारों बेटियां घर में नहीं मिलीं। शुरुआत में लगा कि वे आसपास कहीं गई होंगी, लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने गांव के लोगों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास के खेतों में तलाश शुरू की।
पेड़ पर मिला महिला का शव, कुएं में मिलीं बच्चियां
खोजबीन के दौरान खेत के पास एक पेड़ पर सविता का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में बच्चियों की तलाश की गई। कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं में चारों बच्चियों के शव दिखाई दिए, जिन्हें बाद में बाहर निकाला गया।
खेत में बना था घर, आसपास नहीं थे पड़ोसी
ग्रामीणों के अनुसार परिवार साधारण आर्थिक स्थिति का है। सविता की शादी करीब नौ साल पहले चंद्रभान लोधी से हुई थी। घर खेत में बना होने के कारण आसपास ज्यादा आबादी नहीं है और पड़ोसी भी दूर-दूर रहते हैं।
परिवार में सविता, उसकी चार बेटियां, ससुर और छोटी बहन साथ रहते थे। मृतक के दो भाई गांव में अलग-अलग घरों में रहते हैं। चारों बेटियों में से दो स्कूल भी जाती थीं।
पुलिस ने मोबाइल जब्त किया
केसली थाना प्रभारी लोकेश पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन महिला का मोबाइल फोन जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
एक साल से घर नहीं आया था पति
पुलिस के मुताबिक मृतक का पति चंद्रभान लोधी मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता है और जबलपुर में बस में हेल्पर का काम करता है। बताया जा रहा है कि वह करीब एक साल से घर नहीं आया था और परिवार से उसका संपर्क भी बहुत कम रहता था।
मानसिक तनाव की आशंका, कई पहलुओं पर जांच
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पति से दूरी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण महिला मानसिक दबाव में हो सकती थी। पुलिस का मानना है कि इसी तनाव में उसने पहले बच्चियों को कुएं में फेंका और फिर खुद आत्महत्या कर ली।
फिलहाल पुलिस पति-पत्नी के संबंध, पारिवारिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। इसमें सामाजिक दबाव जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।








