शाहगढ़ में यह कैसा बदला : साहब ने काटी बिजली, तो नगर पालिका ने गेट पर सजा दी कचरा प्रदर्शनी !
शाहगढ़। जब ईगो की वोल्टेज हाई हो जाए, तो शहर का अंधेरे में डूबना तय है। शाहगढ़ में इन दिनों कुछ ऐसा ही वोल्टेज ड्रामा चल रहा है, जहाँ बिजली विभाग और नगर परिषद के बीच की जंग अब सड़कों पर बदबू फैला रही है।
9 लाख का झटका और ब्लैकआउट वाली रात
किस्सा शुरू हुआ बकाया बिल से। नगर परिषद कार्यालय पर बिजली विभाग का 9,61,000 रुपये का बिल बकाया था। जब बार-बार याद दिलाने पर भी खजाना नहीं खुला, तो विद्युत विभाग के जेई रवि सोलंकी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली का कनेक्शन ही काट दिया।
नतीजा ? सोमवार की पूरी रात शाहगढ़ की गलियां कंदराओं की तरह अंधेरे में डूबी रहीं। स्ट्रीट लाइटें गुल रहीं और मंगलवार सुबह होने वाली पेयजल सप्लाई भी ठप हो गई। जनता प्यासी रही और प्रशासन ‘अंधेरे’ में सोता रहा।
रिटर्न गिफ्ट: बिल मांगा तो कचरा मिलेगा !
बिजली कटने से तिलमिलाए नगर परिषद के सीएमओ विनय मिश्रा ने भी ‘जैसे को तैसा’ वाली नीति अपनाई। आरोप है कि उन्होंने द्वेष भावना दिखाते हुए मंगलवार सुबह विद्युत विभाग के मुख्य गेट पर ही शहर भर का सड़ांध मारता कचरा डलवा दिया। विद्युत विभाग के गेट पर अब फाइलों की जगह बदबूदार कचरे के ढेर लगे हैं। यह कार्रवाई कम और बदलापुर की फिल्म ज्यादा लग रही है। परेशान वार्डवासी
अवैध कनेक्शन का तड़का
विद्युत विभाग के जेई सोलंकी का कहना है कि मामला सिर्फ 9 लाख के बिल का नहीं है; नगर परिषद द्वारा कुछ विद्युत मोटरें अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। इसी चोरी और भारी भरकम बकाये पर विभाग ने कानूनी हंटर चलाया है।
आक्रोश में जनता: मंदिर का रास्ता बंद, ऑफिस में घुसना मुहाल
नगर परिषद की इस ‘कचरा फेंक’ राजनीति से केवल बिजली विभाग के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आम जनता भी त्रस्त है।
मंदिर का रास्ता ब्लॉक: गेट पर कचरा होने से पास के मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता बंद हो गया है।
बीमारी का डर: भीषण गर्मी में सड़ते कचरे से महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
अब देखना यह है कि प्रशासन के ये दो अंग आपस में कब तक तू-तू मैं-मैं करते हैं या फिर कलेक्टर महोदय दखल देकर शाहगढ़ को इस अंधेरे और गंदगी के गठजोड़ से मुक्ति दिलाते हैं।








