33 करोड़ की नर्मदा योजना बनी मुसीबत: तेंदूखेड़ा में 5-5 दिन बाद पानी, लोगों में आक्रोश
मनमानी से चल रही नर्मदा परियोजना, तय समय के बिना पानी सप्लाई से जनता परेशान” “जिम्मेदार अधिकारी नदारद, छोटे कर्मचारी चला रहे 33 करोड़ की जल योजना

विशाल रजक तेंदूखेड़ा!- नगर में पेयजल संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। लगभग 45 किलोमीटर दूर लम्हेटाघाट से लाई गई नर्मदा जल परियोजना, जिसकी लागत लगभग 33 करोड़ रुपये बताई जाती है, आज भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की भेंट चढ़ती नजर आ रही है इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नगरवासियों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके ठीक विपरीत है। नगर में कोई जिम्मेदार अधिकारी तैनात नहीं होने के कारण पूरी व्यवस्था छोटे कर्मचारियों के भरोसे चल रही है, जो अपनी मनमर्जी से जल वितरण कर रहे हैं। पानी सप्लाई का न तो कोई निश्चित समय तय है और न ही कोई निर्धारित दिन कहीं 3 दिन में पानी दिया जा रहा है तो कहीं 5 दिन में, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कर्मचारियों द्वारा लोगों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। कभी कहा जाता है कि सुबह नल खुलेंगे, तो कभी 11 बजे या शाम 5 बजे का समय बताया जाता है, लेकिन अधिकांश समय लोग खाली बर्तन लेकर इंतजार ही करते रह जाते हैं लेकिन समय पर पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है इससे नागरिकों में आक्रोश और असंतोष बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से नगर के वार्ड क्रमांक 9 की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जहां पिछले 6 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। लगभग सैकड़ों परिवार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। लोगों को मजबूर होकर दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है नगरवासियों ने मांग की है कि इस योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जल आपूर्ति के लिए एक निश्चित समय और दिन निर्धारित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और जनता को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है इधर नर्मदा परियोजना के साइड इंजीनियर द्वारा अपनी मनमानी करते हुए नजर आए जहां लोग पानी के 24 घंटे तक इंतजार करते रहे और साइड इंजीनियर बुधवार की शाम 8 बजे से सुबह नल खुलने की बात करते रहे लेकिन नर्मदा परियोजना के नल गुरुवार की शाम 7 बजे खुले गए जब 24 घंटे बीत चुके थे लोगों का कहना है नर्मदा परियोजना कर्मचारियों द्वारा लोगों को झूठी उम्मीद व आश्वासन दिया जाता है जहां लोगों अपने सभी कामों को छोड़कर दिनभर पानी के इंतजार में बैठे रहते हैं लेकिन तय समय पर पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है
वार्डवासी पहुंचे नगर परिषद लेकिन सुनने वाला कोई नहीं

वहीं गुरुवार की सुबह वार्ड क्रमांक 9 के कुछ लोग पानी की शिकायत को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे जहां उन्हें नगर परिषद कार्यालय में बने नर्मदा परियोजना के कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नहीं मिलने से निराश होकर वापस लौटते हुए नजर आए लेकिन उसी समय नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन की नजर लोगों पर पड़ी तो उन्होंने सभी लोगों को अपने कार्यालय में बुलाया जहां वार्ड क्रमांक 9 के लोगों की समस्या सुनकर पानी की व्यवस्था मे जल्द ही सुधारने का आश्वासन दिया और नर्मदा परियोजना के कर्मचारियों से बात करके फोन पर फटकार लगाई








