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सागर में मामूली विवाद ने ली जान, एक की हत्या, भाई गंभीर घायल

सागर में मामूली विवाद ने ...

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सागर में मामूली विवाद ने ली जान, एक की हत्या, भाई गंभीर घायल

सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के संत रविदास वार्ड में शनिवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच एक मामूली विवाद खूनी रूप ले बैठा। विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देखें वीडियो

https://youtube.com/shorts/XxqpuOErOo0?si=H5TU0D-9QCTkQ5_q

पुलिस के मुताबिक, मृतक का नाम अरविंद अहिरवार (30) है, जो मजदूरी करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अरविंद का छोटा भाई साहब अहिरवार घर के पास स्थित संत रविदास मंदिर के बाहर बैठा था, तभी उसका झगड़ा करीबी रिश्तेदार जीवनलाल अहिरवार, प्रभुदास अहिरवार और कुछ अन्य लोगों से हो गया।

बीच-बचाव करने पहुंचे अरविंद पर आरोपियों ने लोहे की रॉड और खपचे (पान-सब्जी काटने वाली बड़ी कैंची) से हमला कर दिया। हमले की यह पूरी वारदात एक मोबाइल कैमरे में कैद हो गई, जिसमें आरोपियों को अरविंद को बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है।

मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि घटना के पीछे करीब डेढ़ साल से चली आ रही रंजिश को वजह माना जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।