दूषित पानी से इंदौर में मौतों का मामला: मंत्री विजयवर्गीय ने बुलाई आपात बैठक, सियासी हलचल तेज
इंदौर। शहर में दूषित पेयजल के कारण 15 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साध रही है। बढ़ते राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में एक अहम बैठक बुलाई है।
इस बैठक में जिले के सभी विधायक शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर शिवम् वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद हैं। बैठक में हालात की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
कांग्रेस के आंदोलनों से बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन कर रही है। इसी पृष्ठभूमि में यह बैठक अचानक आयोजित की गई, ताकि स्थिति को संभाला जा सके और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बनाया जा सके।
प्रदर्शन के दौरान बदला माहौल
इसी बीच इंदौर में कुछ कांग्रेस नेता दो नंबर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश मेंदोला के निवास पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे। हालांकि, वहां विरोध की बजाय माहौल बदल गया। कांग्रेस नेता मनोहर रघुवंशी ने बताया कि रविवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्रीय विधायकों के आवासों का घेराव किया जाना था। इसी क्रम में वे स्वयं विधायक रमेश मेंदोला के घर पहुंचे थे।
रघुवंशी के अनुसार, बाद में सूचना मिली कि प्रदर्शन को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेसी नेताओं को चाय-नाश्ता कराया, जिसके बाद सभी कांग्रेस नेता वहां से लौट गए।
फिलहाल दूषित पानी की घटना को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल बनी हुई है और मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।








