सागर में कलेक्टर के खिलाफ OBC महासभा का मोर्चा, प्रेस वार्ता में मनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सागर कलेक्टर संदीप जीआर की कथित मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ओबीसी महासभा ने सागर के एक निजी होटल में गुरुवार शाम 4:30 बजे प्रेस वार्ता की। महासभा के पदाधिकारी वैभव सिंह ने आरोप लगाया कि कलेक्टर 100 प्रतिशत भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बावजूद पद पर बने हुए हैं, जो गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के प्रमाण सामने आने के बाद भी शासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।
महासभा ने आरोप लगाया कि 6 फरवरी को देवरी में यूजीसी के समर्थन में हुई रैली के बाद 9 फरवरी को संगठन के पदाधिकारियों वीरेंद्र सिंह, महेंद्र पटेल, हेमराज घोषी और बलराम जाटव पर एफआईआर दर्ज की गई। संगठन का दावा है कि कलेक्टर के खिलाफ मीडिया में बयान देने के कारण यह कार्रवाई की गई। वहीं, नेशनल हाईवे बाधित करने वालों पर आवेदन देने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया।
प्रेस वार्ता में कलेक्टर के बंगले और कार्यालय में सार्वजनिक धन से कथित अनाधिकृत निर्माण, अभिलेखागार भवन को बिना शासकीय टेंडर के नियमविरुद्ध इंडियन कॉफी हाउस को दिए जाने तथा स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े दस्तावेज अपने पास रखने जैसे आरोप भी लगाए गए। महासभा ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ओबीसी महासभा ने कहा कि इस तरह की कार्यवाही से प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ रही है।








