सुरक्षित बचपन, संरक्षित भविष्य अभियान: तेंदूखेड़ा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता शिविर
तेंदूखेड़ा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला दमोह श्री सुभाष सोलंकी के निर्देशानुसार एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी व अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति तेंदूखेड़ा श्रीमती स्मृति सोनी के मार्गदर्शन एवं संबोधन में नालसा की जागृति स्कीम 2025 के अंतर्गत ‘‘सुरक्षित बचपन, संरक्षित भविष्य’’ अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 11 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तेंदूखेड़ा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता जानकी रैकवार, महिला सुपरवाइजर श्रीमती पूजा गोड तथा अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नालसा द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पोक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में आमजन एवं बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करना था। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती स्मृति सोनी ने बताया कि पोक्सो अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण एवं बाल अश्लीलता (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों का गठन किया गया है, जिससे पीड़ित बच्चों को शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने आगे बताया कि कानून के अनुसार पुलिस द्वारा बच्चों अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दी गई शिकायत को सरल एवं सहज भाषा में दर्ज किया जाता है, ताकि पीड़ित बच्चा एवं उसके परिजन उसे आसानी से समझ सकें। साथ ही घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति एवं विशेष न्यायालय को भेजना अनिवार्य है। यदि किसी बच्चे को चिकित्सीय सहायता, देखरेख या संरक्षण की आवश्यकता होती है, तो उसे तत्काल चिकित्सालय पहुंचाने एवं आवश्यकतानुसार बाल कल्याण समिति के माध्यम से आश्रय उपलब्ध कराने का प्रावधान भी कानून में किया गया है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 एवं पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विधिक सहायता एवं सलाह के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करने की सलाह भी प्रदान की गई। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।








