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दमोह वन मंडल में पांचवीं शहरी रोपणी की शुरुआत, प्रतिवर्ष 10 लाख पौधों के उत्पादन का लक्ष्य

दमोह वन मंडल में पांचवीं ...

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दमोह वन मंडल में पांचवीं शहरी रोपणी की शुरुआत, प्रतिवर्ष 10 लाख पौधों के उत्पादन का लक्ष्य

रिपोर्ट – विशाल रजक

दमोह/तेंदूखेड़ा।  वनों के संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार तथा पौधों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दमोह वन मंडल द्वारा एक नई शहरी रोपणी की स्थापना की गई है। नगर से लगभग दो किलोमीटर दूर इमलीडोल, खकरिया मार्ग स्थित वन भूमि पर इस पांचवीं रोपणी का कार्य प्रारंभ हो गया है। यह रोपणी भविष्य में क्षेत्र की पौध आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।

अब तक दमोह वन मंडल के अंतर्गत चार नर्सरियां संचालित हो रही थीं, जहां पौधों के संरक्षण एवं विस्तार के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं रह गया था। इसी आवश्यकता को देखते हुए पांचवीं रोपणी स्थापित करने का निर्णय लिया गया। वन विभाग के अनुसार गुणवत्तायुक्त पौध तैयार करने के लिए सभी पौधों को एक ही स्थान पर रखने के बजाय विभिन्न स्थानों पर रोपण एवं संवर्धन की व्यवस्था आवश्यक होती है।

खकरिया मार्ग स्थित इस स्थान का चयन विशेष रूप से वहां उपलब्ध अनुकूल प्राकृतिक वातावरण एवं जल की पर्याप्त उपलब्धता को ध्यान में रखकर किया गया है। निकट स्थित तालाब से सिंचाई की समुचित व्यवस्था होने के कारण यह क्षेत्र पौध उत्पादन के लिए उपयुक्त पाया गया। रोपणी के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां से प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख पौधों का उत्पादन एवं वितरण किया जा सकेगा।

वर्तमान में रोपणी में सागौन पौध उत्पादन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए 1400 बेड तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे लगभग 8 लाख 40 हजार सागौन पौधे प्राप्त होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त आगामी समय में अन्य प्रजातियों के पौधों का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा। विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पौध उत्पादन की क्षमता को क्रमशः बढ़ाया जाएगा।

रोपणी के निर्माण एवं प्रारंभिक विकास कार्यों पर अब तक लगभग 40 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इस परियोजना के प्रारंभ होने से क्षेत्र के लगभग 100 लोगों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सामाजिक वानिकी अधिकारी रेंजर दीपेश जैन इकाई दमोह का मानना है कि यह नई शहरी रोपणी न केवल पौध उत्पादन की बढ़ती मांग को पूरा करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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