लगातार आंधी-तूफान और बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
रिपोर्ट – विशाल रजक
दमोह/तेंदूखेड़ा। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी है। मौसम की इस मार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। विशेष रूप से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बाग मालिकों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इस वर्ष आम के बागों में भरपूर फल लगने से किसानों को अच्छी पैदावार और बेहतर आय की उम्मीद थी। लगभग दो माह पूर्व तक आम के पेड़ फलों से लदे हुए दिखाई दे रहे थे और किसानों के चेहरे खुशी से खिले हुए थे। उन्हें विश्वास था कि इस बार आम की फसल से उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी सारी उम्मीदों को झटका दे दिया।
क्षेत्र में लगातार चल रही तेज हवाओं, आंधी और बारिश के कारण बड़ी संख्या में कच्चे तथा पकने की अवस्था में पहुंचे आम पेड़ों से गिर गए हैं। जिन पेड़ों पर कुछ दिन पहले तक आमों के गुच्छे नजर आते थे, अब वहां बहुत कम फल शेष बचे हैं। कई बागों में जमीन पर गिरे आमों के ढेर देखे जा सकते हैं, जिससे नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों के अनुसार खुले मैदानों में स्थित आम के बाग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। जहां तेज हवाओं का सीधा असर पड़ा, वहां लगभग 70 प्रतिशत तक फल झड़ चुके हैं। वहीं घरों के आसपास या ऐसे स्थानों पर लगे आम के पेड़, जहां हवा का प्रभाव कम पहुंचा, उनमें अपेक्षाकृत अधिक फल सुरक्षित बचे हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि तेज आंधी और तूफान ने खुले क्षेत्रों की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
स्थानीय किसान महेंद्र सिंह लोधी एवं बाग मालिक पंडित रमेश तिवारी ने बताया कि इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करना किसानों के लिए आसान नहीं है। आम की खेती में पहले ही काफी लागत लग चुकी है और अब फसल नष्ट होने से आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में हो रहे लगातार बदलावों का सीधा असर फल उत्पादन पर पड़ रहा है। तेज हवाओं और असमय बारिश से न केवल फल गिर रहे हैं, बल्कि पेड़ों और उनकी शाखाओं को भी नुकसान पहुंच रहा है। यदि आगामी दिनों में भी मौसम इसी प्रकार बना रहा तो बची हुई फसल पर भी संकट गहरा सकता है।लगातार आंधी-तूफान और बारिश के कारण आम की फसल को हुए व्यापक नुकसान ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें मौसम के आगामी रुख पर टिकी हुई हैं।








