बंडा में वीगोरा.100 की अवैध ऑनलाइन बिक्री का खुलासा,महाराष्ट्र एफडीए की शिकायत पर औषधि प्रशासन की छापेमारी, 120 स्टि्रप्स बिना बिल बेचने का मामला सामने आया
अंकित मेडिकल स्टोर की भूमिका जांच के दायरे में, 4 से 5 घंटे चली कार्रवाई में दस्तावेज व साक्ष्य जब्त
सागर। जिले में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की अवैध खरीद बिक्री तथा बिना वैध दस्तावेज दवाओं के कारोबार के खिलाफ औषधि प्रशासन विभाग द्वारा कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बंडा क्षेत्र में वीगोरा.100 दवा की कथित अवैध ऑनलाइन बिक्री का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए से प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई जांच के बाद औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुये प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किये हैं। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई। महाराष्ट्र एफडीए से वीगोरा.100 की ऑनलाइन बिक्री से संबंधित शिकायत प्राप्त होने के बाद औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बंडा क्षेत्र में मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान अधिकारियों के समक्ष यह तथ्य आया कि बंडा स्थित अंकित मेडिकल स्टोर से वीगोरा.100 की करीब 120 स्टि्रप्स बिना बिल अथवा कैश मेमो के एक अन्य व्यक्ति को बेचे जाने की जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी के अनुसार संबंधित व्यक्ति इन दवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आगे बेच रहा था। मामले की पुष्टि के लिये औषधि प्रशासन की टीम ने बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई के दौरान कथित ऑनलाइन बिक्री में संलिप्त व्यक्ति को मौके पर पकड़ा। टीम ने मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, बिक्री अभिलेख तथा अन्य साक्ष्य जब्त किये हैं। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, जिससे दवा की खरीद.बिक्री की पूरी श्रृंखला की जानकारी जुटाई जा सके। औषधि निरीक्षक सोनम जैन एवं औषधि निरीक्षक मनीष सुमन की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई लगभग चार से पांच घंटे तक चली। इस दौरान मेडिकल स्टोर से संबंधित दस्तावेजों एवं बिक्री अभिलेखों की जांच की गई तथा प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में लिये गये। अधिकारियों के अनुसार मामले में अंकित मेडिकल स्टोर के संचालक सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि दवा की बिक्री किन परिस्थितियों में की गई, बिक्री का रिकॉर्ड क्यों उपलब्ध नहीं था और दवा को ऑनलाइन माध्यम से आगे बेचने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। जब्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। औषधि प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर ने जिले में दवाओं की अवैध खरीद बिक्री, बिना पर्चे दवाओं की बिक्री तथा बिना बिल के दवा कारोबार के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। औषधि प्रशासन विभाग द्वारा भी मेडिकल स्टोरों के रिकॉर्ड और दवा बिक्री प्रक्रिया की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। इस कार्रवाई से बंडा क्षेत्र में दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री को लेकर चल रहे नेटवर्क की जांच का रास्ता खुला है। अब जब्त किये गये दस्तावेजों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा दवाओं की ऑनलाइन बिक्री किस माध्यम से की जा रही थी।
बंडा में वीगोरा.100 की अवैध ऑनलाइन बिक्री का खुलासा,महाराष्ट्र एफडीए की शिकायत पर औषधि प्रशासन की छापेमारी
बंडा में वीगोरा.100 की अवैध ...
by Suraj Sen
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