अश्लील गानों पर रोक, ड्रेस कोड लागू करने और तेज आवाज में डीजे नहीं बजाने की भी उठाई मांग; आयोजकों को दी विरोध की चेतावनी
सागर। नवरात्रि के दौरान शहर में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर शिवसेना संगठन ने कई मांगें उठाई हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें गरबा आयोजनों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करने, अश्लील गानों पर रोक लगाने, ड्रेस कोड निर्धारित करने और डीजे की आवाज नियंत्रित रखने की मांग की गई है।
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों में अश्लील गानों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पिछले वर्ष की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं होने के कारण एक कश्मीरी मुस्लिम युवक गरबा कार्यक्रम में प्रवेश कर गया था, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बन गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए।
तिवारी ने गरबा आयोजनों में तेज आवाज में डीजे बजाने पर भी रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि ध्वनि की अधिकता से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है, इसलिए आयोजकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
शिवसेना के राज्य संगठक मनी सिंह गुरोन ने कहा कि नवरात्रि हिंदुओं की आस्था और साधना से जुड़ा पर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गरबा आयोजक इस धार्मिक आयोजन की आड़ में लव जिहाद को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिवसैनिक गरबा कार्यक्रमों पर नजर रखेंगे और यदि वहां ऐसे तत्व पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
वहीं, शिवसेना के जिला प्रभारी विकास सिंह ने गरबा आयोजकों से भारतीय परिधानों को प्राथमिकता देने और अश्लील कपड़ों को बढ़ावा नहीं देने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आयोजकों ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संगठन होटल और पंडालों में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवशंकर दुबे, बसंत भदौरिया, सचिन जैन, दीपेश विश्वकर्मा, अनूप पटेरिया, दीपक लोधी, अजय बुंदेला, हरि पटेल, हेमराज आलू, नमन वैद्य और पंकज गौरव बडकुल सहित अन्य शिवसैनिक मौजूद रहे।








