दीपावली से पहले CM डॉ. मोहन यादव का अधिकारियों को सख्त संदेश, बोले- अवैध शराब और प्रतिबंधित पटाखों पर लगे रोक, खाद की कमी हुई तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश, छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से मिलेगी छूट; धनतेरस पर स्वामित्व योजना के तहत शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य
सागर। दीपावली का त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध शराब की बिक्री, प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री ने किसानों की जरूरतों को भी प्राथमिकता देते हुए कहा कि खाद और उर्वरक की आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसानों को खाद की कमी या वितरण संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा तो संबंधित जिले के कलेक्टर को जिम्मेदार माना जाएगा। बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून व्यवस्था तथा आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की।
इस बैठक में सागर एनआईसी से संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार, डीआईजी श्री एस.एस. चौहान, कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक श्री संजीव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव और सहायक आबकारी आयुक्त श्रीमती वंदना पांडे सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
### छोटे दुकानदारों को न करें परेशान, तहबाजारी से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दौरान बाजारों में भीड़ और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में फल, फूल, दीये, बाती और झालर जैसी सामग्री बेचने वाले छोटे व्यापारियों को राहत दी जाए। बड़े बाजारों में अस्थायी दुकान लगाने वाले इन दुकानदारों से तहबाजारी नहीं ली जाए और उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए।
उन्होंने प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखने के साथ कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल को भी रोकने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपकरण मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं, इसलिए इनका उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दीपावली के दिन वे छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में पहुंचकर लोगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करें।
### जहरीली और नकली शराब बनाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
अवैध शराब के कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब के अवैध निर्माण, बिक्री और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। जिन स्थानों पर जहरीली या नकली शराब तैयार किए जाने की आशंका है, उन्हें चिह्नित कर वहां कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने शराब के अवैध कारोबार में चल रही एजेन्टी, पैकारी और डायरी व्यवस्था जैसी गतिविधियों को भी पूरी तरह बंद कराने को कहा। शराब परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित हो कि लाइसेंसधारी दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि ग्राहकों से न वसूली जाए।
उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को समय-समय पर शराब के नमूने लेकर उनकी जांच कराने के निर्देश भी दिए। यदि किसी लाइसेंसी दुकान की शराब में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व मिलते हैं तो संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की गंभीर स्थिति बनने से रोकने के लिए कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और आबकारी अधिकारी आपसी समन्वय से काम करें।
गांजा-अफीम की अवैध खेती और नशे के नेटवर्क पर कसें शिकंजा
मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से गांजा और अफीम की अवैध खेती रोकने तथा नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारकोटिक्स से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष कॉम्बेट टीमें बनाई जाएं और उन्हें सक्रिय रखा जाए। नशीले पदार्थ तैयार करने वाली अवैध लैब को बंद कराया जाए। अपराधियों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान चलाएं।
उन्होंने जिला स्तर पर गठित नशामुक्ति अभियान की एन्कोर कमिटी की नियमित बैठकें करने को भी कहा। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों और उनके पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनजातीय और अन्य वर्गों के विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रावासों को गोद लेने के निर्देश भी दिए। वहां रहने वाले विद्यार्थियों को गुटखा, तंबाकू और खैनी जैसी नशीली वस्तुओं से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाए।
हर जिले में स्थापित हों नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में सामाजिक संस्थाएं पहले से ऐसे केंद्र संचालित कर रही हैं, उन्हें केंद्र सरकार के सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय से आर्थिक सहायता दिलाने की व्यवस्था की जाए।
जिन जिलों में अभी नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां इनके संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। साथ ही नशामुक्ति के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले जिलों की ग्रेडिंग भी की जाए, जिससे अच्छे प्रयासों को प्रोत्साहन मिल सके।
9 नवम्बर को प्रदेशभर में होगी गोवर्धन पूजा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 नवम्बर को प्रदेश के सभी जिलों में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर भोपाल में भी राज्य स्तरीय बड़ा आयोजन होगा। उन्होंने सभी जिलों की गौशालाओं में गौपूजन कराने और गाय के सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक महत्व से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
गौशालाओं में टीवी स्क्रीन लगाकर भोपाल में होने वाले मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा, ताकि पशुपालक और किसान भी इससे जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री ने गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता में वृंदावन ग्राम के विजेता पशुपालकों को नजदीकी गौशाला में आमंत्रित कर सम्मानित करने को कहा। उन्हें शॉल, श्रीफल, पगड़ी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस योजना के छह विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के जरिए पशुपालकों तक सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं, अनुदान और तकनीकी सहायता की जानकारी पहुंचाई जाए। किसानों और पशुपालकों को दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाए। इस अवसर पर बैलगाड़ी प्रतियोगिता आयोजित करने का विकल्प भी रखा गया है।
धनतेरस पर स्वामित्व योजना की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने के निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में मकान और प्लॉट के कच्चे पट्टे रखने वाले लोगों को पक्की रजिस्ट्री का लाभ देने के लिए प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि धनतेरस के दिन अधिक से अधिक गांवों में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना (स्वामित्व रजिस्ट्री) के तहत शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराई जाए।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को गति देने के लिए कलेक्टर स्थानीय सांसदों और विधायकों के साथ गांवों में पहुंचें और पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री सुनिश्चित कराएं।
इस काम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और तहसीलदारों को आगामी 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ऐसे कर्मचारियों के कार्यों का रिकॉर्ड रखने और उनकी उपलब्धियों को सर्विस बुक में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए।
खाद की आपूर्ति में परेशानी हुई तो कलेक्टरों की तय होगी जवाबदेही
किसानों को खाद और उर्वरक की उपलब्धता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में किसी भी जिले में किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कलेक्टरों से लेकर कृषि और विपणन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तक सभी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। किसानों को समय पर और आवश्यकता के अनुसार खाद-उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने जानकारी दी कि प्रदेश में खाद की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई परेशानी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सामान्य से कम वर्षा वाले प्रदेश के 12 जिलों में भी किसानों की स्थिति पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आनावारी के आंकड़े आने के बाद संबंधित क्षेत्रों में जल्द सर्वे कराया जाए और पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री केसी गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








