जमीन विवाद में युवक पर तलवार से हमला, केसली पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा पिता-पुत्र को
घायल को पहले नन्ही देवरी अस्पताल फिर सागर से भोपाल किया गया रेफर, दोनों आरोपियों को कोर्ट ने भेजा जेल
सागर जिले की केसली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जानलेवा हमले के दो आरोपियों को महज 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सागर संजीव सिंहा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में ग्राम नन्ही देवरी में जमीनी रंजिश के चलते युवक पर तलवार से हमला करने वाले पिता और उसके बेटे को पकड़ा गया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
घटना 04 नवंबर 2026 की शाम लगभग 06:00 बजे की है। ग्राम नन्ही देवरी निवासी हरिशंकर उर्फ गोले पटैल गंगा जोहर वाली पुलिया के पास खड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि पुराने पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर इसी गांव के गंगाराम पटैल और उसका पुत्र बबलू पटैल वहां आ पहुंचे। दोनों ने हरिशंकर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब हरिशंकर ने इसका विरोध किया तो बबलू पटैल ने उन्हें दोनों हाथों से जकड़ लिया और इसी दौरान गंगाराम पटैल ने जान से मारने की नियत से तलवार से सिर, गर्दन और कोहनी पर लगातार कई वार कर दिए। हमले में हरिशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायल को नन्हीं देवरी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया।
रिपोर्ट दर्ज होते ही शुरू हुई घेराबंदी
मामले की सूचना मिलने पर फरियादिया सविता पटैल की शिकायत पर थाना केसली में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत धारा 109(1), 296(b), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर श्री संजीव सिंहा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में केसली थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी कर दोनों नामजद आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए आरोपी
गंगाराम पटैल निवासी ग्राम नन्ही देवरी, थाना केसली, जिला सागर।
बबलू पटैल, पिता गंगाराम पटैल, निवासी ग्राम नन्ही देवरी, थाना केसली, जिला सागर।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले में 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी केसली निरीक्षक श्री धर्मराज सिंह बघे, उप निरीक्षक आदिल खान, उप निरीक्षक माधव सिंह, प्रधान आरक्षक 1748 अहफाज अख्तर, प्रधान आरक्षक 1126 खिलान, प्रधान आरक्षक 1088 कैलाश, आरक्षक 588 राहुल अहिरवार एवं प्रधान आरक्षक 259 परमानंद की सराहनीय भूमिका रही।








