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बंगाली डॉक्टर मरीजों की जान से लगातार कर रहे खिलबाड़, स्वास्थ्य अमला उड़ा रहा मौज मालथौन के सीपुरखास में फल-फूल रहा अवैध दवाखाना

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बंगाली डॉक्टर मरीजों की जान से लगातार कर रहे खिलबाड़, स्वास्थ्य अमला उड़ा रहा मौज
मालथौन के सीपुरखास में फल-फूल रहा अवैध दवाखाना
मालथौन। जिले के मालथौन विकासखण्ड में बिना डिग्री, झोलाझाप डॉक्टर चिकत्सा के नाम पर मरीजों की जान से खिलबाड़ कर रहे है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का अमला मौज उड़ा रहा हैं। विकास खण्ड के गांव गांव में कुकरमुत्तों की तरह उग आये है। सरकारी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ उठा रहे है। भोली-भाली गरीब जनता का इनका शिकार बन रही है। मासूम गरीबो का खून-खून चूसकर कइयों ने अपना साम्रज्य स्थापित कर लिया हैं इनके गांव के सियासतदानो को भी इन्होंने पीछे छोड़ दिया। मालथौन क्षेत्र के सीपुरखास और बमनोरा गांव में बंगाली चांदसी डॉक्टर चर्चाओं में है इनके इलाज के कारण विगत साल में कई लोगों की इलाज के नाम पर जान चली गई। आखिर इन्हें किन का संरक्षण मिल रहा है इन पर प्रशासन कार्रवाही करने से बच रहा हैं इनके हौसले बुलंद हो चुके हैं। गांव देहातो की भोली-भाली जनता की सेहत से खिलबाड़ कर रहे हैं हाल में सीपुरखास में बंगली डॉक्टर की अवैध क्लिनिक में एक युवक की इलाज के दौरान जान से हाथ धोना पड़ गया, उस गरीब परिवार को समझा बुझाकर उसका बिना पुलिस कार्यवाही के अंतिम संस्कार करा दिया। उसकी मौत को ह्रदयघात बात दिया। सूत्र बतलाते है सीपुरखास में एक साल में इस अवैध क्लिनिक पर तीन मरीजों की इलाज कराने के कारण जान गवां चुके। क्षेत्र में कई झोलाझाप डॉक्टर सर्जन बने हुये है, गंभीर बीमारियां का ऑपरेशन तक कर देते है। यदि किसी हाथ पैर टूट गये तो यह प्लास्टर तक चढ़ा देते हैं।
बमनोरा में सील होने बाद चल रही क्लीनिक
एक और मामला पिछले साल जून में बमनोरा गांव में पलेथिनी के आदिवासी युवक के पेट दर्द का इलाज कराने गया था गलत इंजेक्शन, ड्रिप देने से उसकी मौत हो गई हालांकि मामला पुलिस थाना पहुचा रिपोर्ट दर्ज हुई, आगे मामला नहीं बढ़ सका, प्रभावी कार्यवाही न होने से सील क्लीनिक कथित रूप से खुल गई इस मामले में सूत्र बतलाते कुछ दलालों ने सेटलमेंट के नाम पर मोटी रकम लेकर डकार गये। अब फिर से सक्रियता से भोले भाली गरीब जनता को इलाज बांट रहा हैं। सब चल रहा है फिर भी स्वाथ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। सूत्र बतलाते है इन झोलाझाप डॉक्टरों से हर माह चढ़ावा पहुच रहा हैं। यदि जिले से झोलाझाप डॉक्टरों पर कार्यवाही के निर्देश या टीम गठित होती है, उनके आने के पहले बिभीषण उन्हें सूचना बता देते है वह पतली गली से सरक जाते हैं टीम बंद दुकानों को देखकर बैरंग वापिस खाली हाथ लौट आती हैं। डिस्पेंसरी और मेडिकल स्टोर एक साथ संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों को पलंग, टेबिल पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाई जा रही है, मरीजों को इंजेक्शन दे रहे है और अलवारी में अंग्रेजी दवाइयां का भंडारण जमा हैं। उसके बाद अवैध क्लिनिक पर जिम्मेदार कार्रवाही करने से बच रहे हैं।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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