तेंदूखेड़ा-पाटन मार्ग पर क्षतिग्रस्त स्वागत द्वार बना हादसे का कारण, कभी भी गिरने की आशंका !
तेंदूखेड़ा। नगर के तेंदूखेड़ा-पाटन (जबलपुर) मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के सामने लगा स्वागत प्रवेश द्वार इन दिनों गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है और राहगीरों व वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर हो चुका यह प्रवेश द्वार तेज हवा या किसी अन्य कारण से कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा लगभग 10 वर्ष पूर्व नगर की सुंदरता बढ़ाने और बाहर से आने वाले यात्रियों का स्वागत करने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से नगर के चार प्रमुख मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार स्थापित किए गए थे।

इनमें जबलपुर मार्ग पर हाईस्कूल के पास, दमोह मार्ग पर गुरैया नदी के समीप, तारादेही मार्ग पर तथा उप वनमंडल अधिकारी के बंगले के सामने स्वागत द्वार लगाए गए थे। इनका उद्देश्य यात्रियों को नगर की पहचान कराना तथा विभिन्न क्षेत्रों और गांवों की दूरी संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना था। समय के साथ अधिकांश स्वागत द्वार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कुछ तो पूर्व में ही गिरकर धराशायी हो गए। वर्तमान में जबलपुर मार्ग पर स्थित प्रवेश द्वार सबसे अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। लोहे के खंभों में जंग लग जाने के कारण इसकी मजबूती लगातार कम होती जा रही है। वहीं भारी और तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से इस पर लगा सूचना बोर्ड भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके कारण प्रवेश द्वार अपनी मूल स्थिति से झुक गया है और किसी भी समय गिर सकता है। स्थानीय नागरिक जगदीश सेन, मोनू नामदेव, पुष्पराज यादव, अमित नामदेव, भरत रजक सहित अन्य लोगों ने बताया कि प्रवेश द्वार की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन अब तक इसके सुधार या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने नगर परिषद एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त स्वागत द्वार की तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा उसे हटाया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
इनका कहना : इस संबंध में एसडीएम सीजी गोस्वामी से बात करने के लिए फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया








