देवरी नगर पालिका को मिली नई अध्यक्ष, सरिता संदीप जैन संभालेंगी जिम्मेदारी
सागर। देवरी नगर पालिका की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार ने आदेश जारी कर सरिता संदीप जैन को नगर पालिका अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले अध्यक्ष रहीं नेहा अलकेश जैन को वित्तीय अनियमितताओं और गंभीर शिकायतों के कारण पद से हटा दिया गया था।
भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 29 अगस्त को आदेश जारी कर सरिता जैन को अध्यक्ष पद की सभी शक्तियां और जिम्मेदारियां सौंप दीं। कुल 15 वार्डों में से 12 पार्षद पहले से ही नेहा जैन के खिलाफ थे। पार्षदों की सहमति और विधायक पं. बृजबिहारी पटैरिया की अनुशंसा पर सरकार ने यह निर्णय लिया।
पदभार ग्रहण समारोह में पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से सरिता जैन का जोरदार स्वागत किया। नगरभर में मिठाई बांटी गई और पटाखे छोड़े गए। सरिता जैन को बधाई देने वालों का तांता दिनभर लगा रहा।
सत्य की जीत हुई है : सरिता जैन
वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद और नई अध्यक्ष सरिता संदीप जैन ने पद संभालते समय कहा— “यह सत्य की जीत है। अब देवरी नगर का विकास ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ होगा। जो काम रुके हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर का भविष्य अब भ्रष्टाचार से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ेगा।
पार्षदों ने भी विश्वास जताया कि उनकी अगुवाई में विकास कार्यों को गति मिलेगी और नागरिकों को नई सुविधाएं मिलेंगी। स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है कि उनके नेतृत्व में नगर तेजी से प्रगति करेगा।
क्यों हटाई गईं नेहा अलकेश जैन?
पूर्व अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ लंबे समय से वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर शासन और कलेक्टर को शिकायत भेजी थी।
जांच में पाया गया कि उन्होंने बिना अनुमति और अधिकार के स्वयं के अनुमोदन से 13 कर्मचारियों और 2 ऑपरेटरों की नियुक्ति की थी। इसके अलावा रैन बसेरा सहित अन्य परियोजनाओं में एसी खरीदी को लेकर भी अनियमितताएं उजागर हुईं। प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल को गलत तरीके से भंग करने का मामला भी सामने आया।
इन आरोपों की पुष्टि होने पर 25 अगस्त को शासन ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया था। तभी से यह पद खाली था, जिसे अब सरिता संदीप जैन ने संभाल लिया है।