सागर : शादियों में धड़ल्ले से बज रहे डीजे, परीक्षा दे रहे छात्रों की नींद और पढ़ाई प्रभावित
सागर/खुरई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार संभालते ही अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 13 दिसंबर 2023 को धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर, डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये जारी किया गया था, जो मुख्य रूप से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहता है, परन्तु बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों की परेशानी को नजर अंदाज करते हुये शादियों में निश्चित ध्वनि सीमा से दुगने शोर के साथ कानफोड़ू डीजे बजाना जारी है। डीजे की आवाज इतनी तेज होती है कि बुजुर्गों एवं बच्चों को घबराहट, जी मचलने जैसी परेशानी भी हो रही है। चूंकि डीजे अधिकांश बारात एवं सार्वजनिक जुलूसों में बजते हैं, इसलिये उनको रोकने की कोई हिम्मत नहीं कर पाता परंतु प्रशासन का भी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं है, जबकि सभी जानते हैं की बोर्ड परीक्षा अभी जारी है एवं डीजे की ध्वनि पर जो सीमा तय की गई है, उस सीमा के बारे में प्रशासन की कुछ दिन पूर्व मीटिंग हुई थी, परंतु इस मीटिंग का सार नहीं निकला, बल्कि डीजे का तेज आवाज में बजाना अभी भी जारी है। महावीर वार्ड स्थित एक बुजुर्ग महिला ने बताया की 12 से 1 बजे के बीच में डीजे की इतनी तेज आवाज आई की घबरा कर उठी एवं फिर सारी रात नींद नहीं आई। इस प्रकार की तेज ध्वनि से हृदय आघात का भी खतरा बना रहता है।








