सागर में बोलीं पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह, अधिकार छीने जाएँ तो आवाज़ उठाना जरूरी
सागर। यूजीसी से जुड़े नियमों के विरोध को लेकर सवर्ण समाज द्वारा किए जा रहे आंदोलनों पर पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिसके अधिकारों का हनन होता है, तो निश्चित रूप से उसे अपने अधिकारों की मांग करने का पूरा हक है।
दरअसल शनिवार दोपहर 1 बजे से आयोजित सागर के मोती नगर स्थित पद्माकर सभागार में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ने यह बात कही। मीडिया द्वारा सवाल किया गया था कि यूजीसी से जुड़े नियमों के विरोध में सवर्ण समाज सड़कों पर उतर आया है, इस पर उनका क्या मत है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि
जिसके अधिकारों का हनन होता है, तो निश्चित रूप से उसे अपने अधिकारों की मांग करनी चाहिए।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता और समरसता लाना, समाज को संगठित करना और राष्ट्र को मजबूत करना है।
उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वह एकजुट रहे और आपसी मतभेदों को भुलाकर राष्ट्र और संस्कृति के हित में कार्य करे। साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि जब सनातन संस्कृति की जड़ें मजबूत होंगी, तभी राष्ट्र प्रगति के शिखर की ओर अग्रसर होगा। हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विचार रखे।








