कन्या राशि वालों के लिए 2026 कैसा रहेगा? जानिए धन, प्रेम, शिक्षा और नौकरी का पूरा हाल
सन् 2026 में कन्या राशि का वैदिक राशिफल
कन्या VIRGO
(टो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
*शुभरंग–* हरा,
*शुभ अंक–* 5,
*शुभरत्न–* पन्ना,
*शुभदिन–* बुधवार,
*शुभ तारीख –* 5, 14, 23,
*ईष्ट–* गणेश,
*शुभ कार्य–* गणेश अथर्वशीर्ष और चालीसा का पाठ व बुधवार का व्रत कार्यसिद्ध करेगा,
*शुभमास–* वैशाख व ज्येष्ठ,
*मध्यममास–* आषाढ़ कार्तिक,
मार्गशीर्ष, पौष, माघ व फाल्गुन,
अशुभमास– चैत्र, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन।
मित्र राशि– मेष, मिथुन, सिंह, तुला,
शत्रु राशि– कर्क, धातु स्वर्ण,
व्यक्तित्व- दोहरा व्यक्तित्व, विद्वान्, युद्धभीरु, आलोचक, लेखक,
सकारात्मक तथ्य– निरन्तर क्रियाशील, व्यावहारिक ज्ञान,
नकारात्मक तथ्य अति छिद्रान्वेषी,
बुराई ढूंढना, कलहप्रिय, अशुभ चिंतक, पौरुषहीनता।
कन्या राशि का स्वामी बुध है। ये द्विस्वभाव रहता है। व्यावहारिक दृष्टि से किसी भी कार्य, बात की गुप्ता रख पाना संभव नहीं होता। उसी से जीवन में समस्याएं बनती- बढ़ती हैं स्थायित्व की कमी व चंचलता की कमी दोनों ही समान रह पाते हैं। आपके विचार, निर्णयों, गंभीरता का चेहरे पर असर तत्काल होता है, जिससे अन्य लोग आपके मन-विचारों को समझ जाते हैं। अधिकतर मामलों में आत्मविश्वास, मानसिक, वैचारिक कार्यकुशलता, स्थिति अनुरूप प्रयास, परिश्रम करते हैं जिसका संतोष रहता है। अपनी जवाबदारी, कर्तव्यबोध रहता है फिर भी आशातीत परिणामों में विलंब होता है। व्यर्थ के मामलों में कई बात अडिग या हठधर्मिता पकड़ लेते हैं। जिस कारण लोग, परिवार को धारणा गलत हो जाती है। सहयोग, प्रेम, स्नेह की दूसरों की तरफ से कमी ही रहती है। पारिवारिक कर्तव्य, जवाबदारी में कमी नहीं रखते। स्वयं की इच्छा, ताकत, अनुभव से निर्वहन करते हैं । बुद्धि-ज्ञान विकास भी बराबर करते हैं । व्यस्तता में भी चिंतन-मनन, एकाग्रता रखते हैं। सामान्य से अधिक वैचारिक, मानसिक साहस आप में रहता है। भगवत-ध्यान, ज्ञानार्जन, सत्संग से भी अपने को जोड़कर आगे लाते हैं। कुदरती-नैसर्गिक अवस्थाओं को भी महत्व देते हैं।
कन्या राशि वालों के संपर्क में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यही समझता है कि उन्हें केवल उसी में सर्वाधिक रुचि है। कन्या राशि का व्यक्ति अत्यन्त रहस्यमय होता है। कन्या राशि वाले लोग बातें बनाने में कुशल तथा विनोद – प्रिय होते हैं। भूमि तत्व से संबंधित यह राशि सेवा, स्वास्थ्य एवं व्यवसाय आदि से संबंध रखती है। इस राशि के लोग अपनी निश्चित योजना की पूर्ति एवं कार्य करने में सफल रहते हैं। कन्या राशि वाले अपने विचार आदि के बारे में लोगों को विशिष्ट ढंग से परिचित कराते हैं। वह किसी के साथ स्थायी रूप से वचनबद्ध नहीं होते। दयालुता का व्यवहार उन्हें आकर्षित करता है। कन्या राशि का स्वामी बुध है। कन्या राशि के व्यक्ति आलोचक तथा विश्लेषक प्रकृति के होते हैं। उनकी आलोचना रचनात्मक न होकर, नाटकीय होती है। कन्या राशि वाले निरंतर क्रियाशील बने रहते हैं। पूर्णता प्राप्त करने का प्रयत्न करते रहते हैं। कन्या राशि का पुरुष स्वयं को योग्य समझने वाला, प्राप्त धन का श्रम द्वारा मूल्य चुकाने वाला, अपने स्तर को बनाए रखने वाला तथा धोखेबाजी से घृणा करने वाला होता है। और सदा अच्छा व्यवहार पसंद करता है। कन्या राशि वाले जातकों में मानसिक गतिशीलता अधिक मिलती है। इनके व्यक्तित्व के दो पक्ष होते हैं। एक वाहक, दूसरा प्रश्न एवं संदेहकर्ता आंतरिक व्यक्तित्व। कन्या राशि वाले व्यक्ति हर काम मनमाने ढंग से करते हैं, इसीलिए कभी-कभी आलसी या उत्साह रहित भी दिखाई देते हैं। विशेषतः इन्हें अच्छे या बुरे संस्कारों का प्रभाव शीघ्र ही होता देखा जाता है। इन लोगों को स्वाभिमान काफी रहता है। ये किसी ज्ञानी व्यक्ति से गुरु मंत्र भी प्राप्त कर लेते हैं। निश्चय के पक्के होते हैं। जो बात एक बार इनके मन में स्थानपा लेती है, तो उसे पूर्ण किए बिना नहीं छोड़ते हैं। इनमें प्रसिद्धि पाने की गुप्त इच्छा भी पाई जाती है। ये सम्मान तथा उच्च पद को भी पाना चाहते हैं। कन्या राशि के पुरुष प्रतिदान के इच्छुक होते हैं। वे त्याग के बदले त्याग ही चाहते हैं। बच्चों में रुचि वाले, अपने रहस्य को गुप्त रखने वाले तथा कुछ कामुक प्रकृति के होते हैं। इन लोगों का जीवन भीतर – बाहर से भिन्न होता है। यश की कामना, परिचित होने की इच्छा, सदैव आकर्षक मित्रों से घिरे रहने की अभिलाषा तथा कुछ अद्भुत कर दिखाने की लालसा इनमें हमेशा पाई जाती है। ये व्यावहारिक, ईमानदार, निष्पक्ष तथा कुछ शर्मीली प्रकृति के होते हैं। अपने में विश्वास रखने वाली स्त्री की ओर इनका आकर्षण होता है। इन्हें उन्मुक्त प्रेम अच्छा लगता है। कन्या राशि वाले मिलनसार तथा सेवाभावी होते हैं। उनके जीवन में आदतों का भारी महत्व होता है। आदतों से मुक्त हो पाना उनके लिए कठिन हो जाता है। इन्हें निष्क्रियता एवं बिना उद्देश्य भावुकता पसंद नहीं होती। प्रारंभिक आयु में उनका झुकाव नैतिकतावाद की ओर होता है। बाद में वह अपनी इस प्रवृत्ति पर काबू पा लेते हैं। कन्या राशि के लोग अच्छी स्मरण शक्ति वाले होते हैं। ये वस्तुओं के बाहरी रूप-रंग से प्रभावित होकर निर्णय लेते हैं। कन्या राशि वाले स्वच्छता पसंद, सुरुचि वाले तथा रीतियों को मानने वाले होते हैं। बहुसंख्यक व्यवहार को अपनाने में इन्हें कोई विरोध नहीं होता। वह नियमों का पालन सहज रूप से करते हैं। कर्तव्य उनके लिए सर्वोच्च स्थान रखता है। कन्या राशि के लोग सौदेबाजी को पसंद करते हैं ।
वर्ष 2026 ईस्वी में कन्या राशि जातकों का स्वास्थ्य-इस वर्ष आपकी राशि से द्वादश भाव में केतु का प्रत्यक्ष प्रभाव रहेगा। यदि आपको पहले से कोई बीमारी है तो इस वर्ष आपको अधिक सावधान रहना चाहिये। राहु आपको अचानक अस्पताल के चक्कर लगवा सकता है। किन्तु बृहस्पति के कारण आप सकारात्मक बने रहेंगे। वर्ष की शुरुआत में ही आपको समस्या हो सकती है। वर्ष के अन्तिम दो महीनों के दौरान बृहस्पति आपकी राशि से द्वादश भाव में रहने से कफ बिगड़ सकता है। यदि आपको किसी बीमारी को लेकर शंका है तो चिकित्सीय सलाह लें साथ ही आपको जाँच भी अवश्य करा लेनी चाहिये। यह वर्ष पेट में गम्भीर इन्फेक्शन के संकेत दे रहा है। इसीलिये सावधानी रखने में चूक न करें।
आर्थिक स्थिति-
इस वर्ष आप पूँजी निवेश की योजना बना सकते हैं। सट्टे और शेयर बाजार से आपको बड़ा लाभ हो सकता है। शनिदेव आपकी आय में निरन्तरता बनाये रखेंगे। मार्च महीने में महँगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीदारी कर सकते हैं। जून के बाद नयी नौकरी के लिये तैयारी कर रहे हैं तो उसमें आपकी आय बढ़ सकती है। द्वादश भाव का केतु आपके खर्चों में अचानक वृद्धि करायेगा। इसीलिये किसी को धन देने से सावधानी रखें। मेडिकल खर्चे आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। युवाओं के मन में गलत कार्यों में निवेश करने की प्रवृत्ति उत्पन्न होगी।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक स्थिति-
पूरे वर्ष शनि आपकी राशि से सातवें भाव में भ्रमण करेगा। आपका सामाजिक दायरा इस वर्ष काफी अच्छा रहेगा। जून माह के बाद निःसन्तान दम्पति सन्तान की योजना बना सकते हैं। गुरु की पञ्चम दृष्टि से सन्तान अत्यन्त आज्ञाकारी रहेगी। उनकी शिक्षा-दीक्षा काफी अच्छी रहने वाली है। हालाँकि आपको अगस्त के बाद उनकी संगत का अत्यधिक ध्यान देना होगा। गुरु की अच्छी स्थिति के कारण आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। परिवार के कई सदस्यों के लिये उनके करियर और धन के मामले में यह वर्ष शुभ सिद्ध होगा। अप्रैल से जून के बीच माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
प्रणय जीवन-
वर्ष की शुरुआत प्रेम सम्बन्धों के लिये शुभ रहेगी। विपरीत लिङ्ग के लोग आपसे अत्यन्त प्रसन्न रहेंगे। यदि आप अविवाहित कन्या हैं तो आप रिलेशनशिप में बँध सकते हैं। जनवरी से मार्च तक का समय विवाह के लिये भी अनुकूल है। वैवाहिक रिश्तों में मजबूती होने से आप अत्यधिक सन्तुष्टि का अनुभव करेंगे। लेकिन वर्ष का मध्य भाग जीवनसाथी की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। अक्टूबर माह में जीवनसाथी के साथ कुछ मनमुटाव होता रहेगा।
शिक्षा और करियर-
शिक्षा वर्ष की शुरुआत में गुरु की पञ्चम दृष्टि राशि से द्वितीय भाव पर पड़ेगी, इसके कारण आपकी शिक्षा की कई तरह की बाधाओं का निवारण होता रहेगा। उच्च शिक्षा में मनचाहा परिणाम मिलने से यह वर्ष आपके लिये अत्यन्त सौभाग्यशाली हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों के लिये मई तक का समय अत्यन्त शुभ रहेगा। विदेश में शिक्षा और करियर के अवसर खोज रहे हैं तो थोड़ी सावधानी रखें आप ठगी का भी शिकार हो सकते हैं। फरवरी, जुलाई और सितम्बर थोड़े कमजोर हो सकते हैं।
कर्मकांड ज्योतिष विषेशज्ञ – डॉ अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ 9936443138








