प्रयागराज। करेली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपने ही रिश्तेदार के 17 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने यह कदम तांत्रिक की बातों में आकर उठाया।
तांत्रिक की बातों में फंसा आरोपी
डीसीपी (नगर) अभिषेक भारती के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शरण सिंह मृतक किशोर का रिश्तेदार है और उसके दादा का भाई बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शरण सिंह के बेटे और बेटी ने 2023 और 2024 में आत्महत्या कर ली थी। अपने बच्चों की मौत का कारण जानने के लिए वह तांत्रिक के पास गया। तांत्रिक ने उसे यह कहकर बहकाया कि असल में मौत इस किशोर (पीयूष) की होनी थी, लेकिन यह बच गया, इसलिए तुम्हारे बच्चे दुनिया छोड़ गए। इसी भ्रम में आकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दे दिया।
लापता होने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
पीयूष सरस्वती विद्या मंदिर, करेली में कक्षा 11 का छात्र था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। मंगलवार की सुबह वह रोज़ की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकला, लेकिन वहां पहुंचा ही नहीं। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर उसकी मां कामिनी देवी खुद स्कूल पहुंचीं, तब पता चला कि बेटा उस दिन स्कूल गया ही नहीं था। घबराई मां ने तुरंत करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शव के टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर मिले
उसी दिन नैनी औद्योगिक क्षेत्र के पास एक नाले में एक किशोर का धड़ मिला, लेकिन सिर न मिलने के कारण पहचान नहीं हो पाई। अगले दिन करेली थाना क्षेत्र के सैदपुर कछार में सिर बरामद होने के बाद पुलिस को पूरा मामला समझ आया।
महिला गवाह बनी पुलिस के लिए सुराग
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिया। घटना के समय एक ग्रामीण महिला ने आरोपी को नाले में शव फेंकते हुए देख लिया था। उसने पुलिस को आरोपी का हुलिया बताया, जिसके आधार पर शरण सिंह को गिरफ्तार किया गया।
यह घटना न केवल समाज को झकझोरने वाली है, बल्कि अंधविश्वास और तांत्रिक के बहकावे से होने वाले खतरनाक परिणामों की भी गंभीर चेतावनी देती है।