1 मार्च से बदले कई अहम नियम, LPG से लेकर UPI और टिकट बुकिंग तक पड़ेगा असर
नई दिल्ली। 1 मार्च। महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन परिवर्तनों का सीधा असर रसोई खर्च, हवाई यात्रा, डिजिटल भुगतान और मोबाइल इस्तेमाल पर पड़ेगा। सरकार और संबंधित विभागों ने सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए ये नए प्रावधान लागू किए हैं।
होली से पहले कमर्शियल LPG सस्ती
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 28 से 31 रुपये तक की कमी की है। यह राहत खास तौर पर होटल, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अहम मानी जा रही है। हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है।
वहीं दूसरी ओर, विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगभग 4,977 रुपये से 5,498 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले दिनों में हवाई किराए पर दिखाई दे सकता है।
ट्रेन टिकट के लिए अब ‘RailOne’ ऐप जरूरी
भारतीय रेलवे ने 1 मार्च से अपने पुराने अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) मोबाइल ऐप को बंद कर दिया है। अब यात्रियों को जनरल, प्लेटफॉर्म और रिजर्व्ड टिकट बुक करने के लिए नए ‘RailOne’ ऐप का इस्तेमाल करना होगा।
नए ऐप में पीएनआर स्टेटस जांचने, रेल मदद सेवा, ट्रेन में भोजन ऑर्डर करने और फ्रेट सेवाओं जैसी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से टिकटिंग प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और डिजिटल रूप से एकीकृत होगी।
सिम-बाइंडिंग नियम लागू, साइबर फ्रॉड पर नजर
दूरसंचार विभाग (DoT) ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम लागू कर दिया है। इसके तहत अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग तभी संभव होगा, जब संबंधित सिम कार्ड उसी मोबाइल डिवाइस में सक्रिय हो।
इसके अलावा इन ऐप्स के वेब वर्जन को हर 6 घंटे में स्वतः लॉग-आउट कर दिया जाएगा। दोबारा लॉग-इन के लिए क्यूआर कोड से लिंक करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फिशिंग जैसे मामलों को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।
UPI भुगतान में अतिरिक्त सुरक्षा पर जोर
डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बैंकों ने यूपीआई (UPI) से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब अधिक राशि के ट्रांजैक्शन के दौरान केवल यूपीआई पिन डालना पर्याप्त नहीं होगा। ग्राहकों को बायोमेट्रिक सत्यापन या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यूनतम बैलेंस पर राहत
कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने अपने बचत खाता धारकों को राहत देते हुए न्यूनतम बैलेंस रखने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है या उससे जुड़े शुल्कों में छूट दी है। हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई बड़ा निर्णय सामने नहीं आया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
फिलहाल पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पिछले महीने Adani Total Gas और Torrent Gas की ओर से की गई कटौती के बाद कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल को देखते हुए भविष्य में संशोधन संभव माना जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी नियमों के दायरे में
सिम-बाइंडिंग नियम का असर केवल मैसेजिंग ऐप्स तक सीमित नहीं रहेगा। Snapchat, ShareChat और JioChat जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी यह व्यवस्था लागू होगी। सरकार का कहना है कि बिना फिजिकल सिम के भारतीय मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग रोकना इसका मुख्य उद्देश्य है।
1 मार्च से लागू इन बदलावों का असर सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब, यात्रा योजनाओं और डिजिटल गतिविधियों पर पड़ेगा। संबंधित विभागों ने लोगों से नए नियमों की जानकारी रखने और आवश्यक अपडेट समय पर करने की अपील की है।








