MP : मृत डॉक्टर के मोबाइल से आई धमकी भरी मैसेज ने बढ़ाया सनसनी, करोड़ों की संपत्ति विवाद के बीच नया मोड़
जबलपुर। शहर के राइट टाउन क्षेत्र में रहने वाली स्वर्गीय डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की करोड़ों की संपत्ति को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच अब एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। डॉक्टर की मृत्यु के बाद शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल नंबर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्थानीय शाखा की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा को एक आपत्तिजनक संदेश भेजा गया।
इस घटना के बाद डॉ. ऋचा शर्मा ने मामले को गंभीर मानते हुए साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं संपत्ति हड़पने के प्रयास
जानकारी के मुताबिक, डॉ. हेमलता श्रीवास्तव लंबे समय से अस्वस्थ थीं। इसी दौरान उनकी संपत्ति को हड़पने की कोशिशें सामने आई थीं। उस समय आईएमए ने हस्तक्षेप करते हुए मामला उठाया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर संदिग्ध दान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू हुई थी। यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा था।
इसी पृष्ठभूमि में अब उनके मोबाइल से आया संदेश और भी अधिक गंभीर माना जा रहा है।
मैसेज में क्या लिखा था
डॉ. हेमलता के मोबाइल से भेजा गया संदेश अंग्रेजी में था। इसमें लिखा गया कि मोबाइल अब कानूनी रूप से उनके पास है और डॉक्टर की हालत के लिए जिम्मेदार लोगों को श्राप दिया गया है। संदेश में अपहरण, भूख से तड़पने, पोस्टमार्टम और मुर्दाघर जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई थी।
आईएमए ने पहले ही जताई थी चिंता
आईएमए अध्यक्ष ने पहले प्रशासन और पुलिस को जानकारी दी थी कि डॉ. श्रीवास्तव शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर थीं। उनके पति और पुत्र का पहले ही निधन हो चुका था। ऐसे में कुछ लोग उनकी राइट टाउन स्थित कीमती संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे।
दानपत्र के जरिए जमीन हड़पने का मामला
जांच में यह सामने आया था कि डॉ. श्रीवास्तव की करीब 5512.5 वर्गफीट जमीन डॉ. सुमित जैन और उतनी ही जमीन उनकी पत्नी डॉ. प्राची जैन ने कथित रूप से दानपत्र के माध्यम से अपने नाम करवा ली थी। इतना ही नहीं, उस जमीन पर चारदीवारी भी बना दी गई थी।
हालांकि बाद में प्रशासनिक जांच के बाद यह दानपत्र निरस्त कर दिया गया और संबंधित डॉक्टर दंपती के खिलाफ मदन महल थाने में एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
मौत के बाद भी बरकरार विवाद
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का 15 फरवरी को मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार प्रशासन की निगरानी में कराया गया था। उनसे जुड़ी सामग्री जब्त कर ली गई थी और राइट टाउन स्थित विवादित संपत्ति को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया है।
सबसे बड़ा सवालकिसके पास है मोबाइल ?
अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह उठ रहा है कि डॉक्टर के निधन के बाद उनका मोबाइल फोन किसके पास है और उसी से यह संदेश किसने भेजा।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल का उपयोग वर्तमान में कौन कर रहा है और संदेश भेजने के पीछे उसकी मंशा क्या थी।








