MP : दिन में कपड़े सिलाता था, रात में ट्रक ड्राइवर और क्लीनरों का शिकार, 2017 के मातगुंवा हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस पूछताछ तेज
छतरपुर। देशभर की पुलिस को वर्षों तक चकमा देने वाला कुख्यात सीरियल किलर आदेश खामरा शुक्रवार को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल से छतरपुर पहुंचाया गया। आरोपी पर 34 ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों की हत्या के आरोप हैं। खामरा फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद है, जहां से छतरपुर पुलिस उसे पूछताछ के लिए लाई है।
पूछताछ के दौरान आदेश खामरा ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों का जीवन कष्टों से भरा होता है, इसलिए उसने उन्हें मुक्ति दे दी पुलिस के अनुसार यही उसकी हत्याओं का मनोवैज्ञानिक बहाना रहा। गरीबी, अपमान और पिता की मारपीट को वह अपने अपराधों का कारण बताकर खुद को सही ठहराने की कोशिश करता था। छतरपुर एसपी अगम जैन ने कंट्रोल रूम में बताया कि थाना मातगुंवा में वर्ष 2017 में दर्ज एक मामले में आदेश खामरा नामजद आरोपी था। फरियादी वसीम अहमद की शिकायत पर ट्रक क्लीनर की हत्या, ड्राइवर की हत्या के प्रयास और लूट का मामला दर्ज हुआ था।
इस प्रकरण में तुकाराम निवासी महाराष्ट्र पहले ही गिरफ्तार हो चुका था, जबकि आदेश खामरा आठ वर्षों से फरार था। न्याय पथ अभियान के तहत कार्रवाई तेज करने पर आरोपी का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के आदेश पर छतरपुर लाया गया।
कौन है आदेश खामरा ?
आदेश खामरा मंडीदीप जिला रायसेन के खिरिया मोहल्ला का रहने वाला है। भोपाल के बाहरी इलाके में उसकी एक छोटी दर्जी की दुकान थी। दिन के समय वह कपड़े सिलता और रात को देश के अलग-अलग राज्यों में वारदातें अंजाम देता था।
उसके शांत और सरल दिखने वाले स्वभाव के कारण आसपास के लोग उसकी असलियत से अनजान रहे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक अन्नू कपूर भी इस कहानी पर फिल्म बनाने की योजना कर रहे हैं।
8 साल तक 5 राज्यों में मौत का सिलसिला
खामरा ने पूछताछ में कबूल किया कि लगभग आठ वर्षों तक वह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सक्रिय रहा। उसने कुल 34 हत्याओं का दावा किया है।
इसके लिए वह ट्रक ड्राइवरों से ढाबों पर दोस्ती करता था। गिरोह के सदस्य गुप्त संकेत के रूप में कहते भाई साहब कुछ मीठा तो खिला दो, जिसका मतलब होता था कि शिकार फंस चुका है।
ट्रक में साथ बैठने के बाद मौका मिलते ही हत्या कर दी जाती, लाश रास्ते में फेंकी जाती, लूटा गया सामान ग्वालियर में, और ट्रक यूपी–बिहार–नॉर्थ ईस्ट में बेच दिया जाता।
उसके गैंग में जयकरण, तुकाराम बंजारा, सुनील खटीक और बलजिंदर उर्फ साहब सिंह शामिल थे।
वर्ष 2018 में शक्कर से भरे एक ट्रक की GPS लोकेशन कानपुर के पास संदिग्ध रूप से रुकने पर जांच शुरू हुई।
जांच में जयकरण पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर आदेश खामरा को सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया।
मनोवैज्ञानिक दबाव बनने पर खामरा टूट गया और 34 हत्याओं की जानकारी सामने आई।
जिले में न्याय पथ अभियान के तहत फरार अपराधियों की धरपकड़ लगातार जारी है। अब तक 655 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिन पर कुल साढ़े 7 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
एसपी अगम जैन ने बताया कि आदेश खामरा के खिलाफ भोपाल, रायसेन, गुना, छतरपुर, भिंड, अशोकनगर व छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बेमेतरा में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और चोरी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में एसडीओपी बिजावर अजय रिठौरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अंकुर चौबे, प्रधान आरक्षक राजेंद्र तिवारी और आरक्षक धर्मेंद्र पटेल सहित टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।








