एक की 2024 में मौत, दूसरे की 2025 में हत्या, फिर भी पुलिस विभाग की अनुशंसा पर सागर कलेक्टर ने दोनों को किया जिला बदर
सागर। पुलिस विभाग की अनुशंसा पर कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा 9 जनवरी को 41 आदतन अपराधियों के खिलाफ की गई जिला बदर की कार्रवाई विवादों में घिर गई है। जिला बदर सूची में दो ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल पाए गए हैं, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है।
सोमवार सुबह 9:00 मिली जानकारी के मुताबिक खुरई क्षेत्र के सरखड़ी गांव निवासी 38 वर्षीय निरंजन पिता फूलसिंह राजपूत को 10 माह के लिए जिला बदर किया गया, जबकि उसकी 25 नवंबर 2025 को हत्या हो चुकी थी। नरयावली थाना क्षेत्र के सत्ती घटिया पर उसका शव मिला था और पुलिस ने 12 दिसंबर को हत्या का खुलासा भी किया था।
इसी तरह खिमलासा निवासी 35 वर्षीय गोविंद उर्फ भूरा पिता गंगाराम अहिरवार को 12 माह के लिए जिला बदर किया गया, जबकि उसकी मौत 27 अक्टूबर 2024 को नरेन नदी में डूबने से हो चुकी थी। दो दिन चले रेस्क्यू के बाद एसडीआरएफ ने उसका शव बरामद किया था।
मृत व्यक्तियों के नाम जिला बदर सूची में शामिल होने से पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि सूची में इस तरह की और भी त्रुटियां हो सकती हैं, जिससे प्रशासन की किरकिरी हो रही है।








