रानगिर विस्फोट कांड: पत्नी को वापस लाने के लिए रची साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने मामले का किया खुलासा
सागर। अति. पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा एवं एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुरखी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु के नेतृत्व में गंभीर विस्फोट की घटना का त्वरित खुलासा करते हुये आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 18 मार्च को थाना सुरखी को सूचना प्राप्त हुई कि बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास स्थित एक दुकान में विस्फोट हुआ है, जिसमें तीन व्यक्ति घायल हो गये, जिन्हें तत्काल उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया सूचना मिलते ही 3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, 109,(1) बीएनएस सुसंगत धाराओं में कायमी कर थाना पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की गई एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुये एसडीओपी रहली, बीडीडीएस एवं एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया, जिनके द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किये गये। विवेचना के दौरान एक संदिग्ध एसएमएस की जानकारी प्राप्त हुई, जो इस विस्फोट से जुड़ा हुआ था। तत्काल साइबर टीम को सक्रिय कर तकनीकी विश्लेषण कराया गया। प्राप्त क्लू के आधार पर संदेही गोलू उर्फ इमारत पटेल निवासी पाटई गांव को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी शादी जून 2025 में नूरजहां निवासी चिंगी टोला, सिंगरौली से हुई थी। फरवरी 2026 में पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी मायके चली गई थी और अपने भाइयों के दबाव में वापस नहीं आ रही थी। इसी कारण आरोपी ने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुये अपनी पत्नी के भाइयों एवं उनके परिवार जनो को झूठे प्रकरण में फंसाने की योजना बनाई। आरोपी द्वारा रानगिर मंदिर के पुजारी को भ्रामक एसएमएस भेजकर संदेह उत्पन्न किया गया तथा एक ब्लूटूथ स्पीकर में सुतली बम एवं डेटोनेटर लगाकर, उसकी बैटरी से सर्किट पूर्ण करते हुये उसे दुकान में रख दिया गया, जिससे विस्फोट हुआ और तीन निर्दोष लोग घायल हो गये। आरोपी को विश्वास था कि एसएमएस के आधार पर पुलिस उसकी पत्नी के भाइयों एवं परिवार जनों को गिरफ्तार कर लेगी, जिससे वह अपनी पत्नी को वापस लाने में सफल हो जायेगा। घटना में प्रयुक्त मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस के टुकड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस द्वारा जप्त कर लिये हैं। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु, सत्यव्रत धाकड़, शिवम दुबे, सौरभ रेकवार, हेमेन्द्र, विकास मिश्रा, उमाशंकर, पवन पटेल, आशीष यादव, कमलेश गुर्जर, रवि मिश्रा, प्रेम कुमरे का योगदान रहा।








