सागर : 9 बोरी अनाज चोरी का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, बाइक समेत ₹54 हजार का माल बरामद
सागर। थाना रहली क्षेत्र अंतर्गत गल्ला मंडी में हुई अनाज चोरी की वारदात का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा चोरी गया मशरूका एवं घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।
दिनांक 14.02.2026 को फरियादी अभिषेक पिता अजीत कुमार जैन, उम्र 28 वर्ष, निवासी वार्ड 10 रहली द्वारा थाना रहली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 04.02.2026 को शाम लगभग 04:00 बजे वह अपनी गल्ला दुकान बंद कर घर चला गया था। शाम लगभग 07:00 बजे पुनः दुकान पर पहुंचने पर देखा कि स्टॉक में रखी अनाज की बोरियों में से कुछ बोरियां नीचे गिरी हुई थीं। जांच करने पर 06 बोरी मूंग एवं 03 बोरी मक्का कुल कीमत लगभग ₹29,000 कम पाई गई।
फरियादी की
रिपोर्ट पर थाना रहली में अपराध क्रमांक 95/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शहवाल द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को संपत्ति संबंधी अपराधों में समस्त प्रायस करते हुए मालमशरूका बरामद करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए निर्देशानुसार
तत्काल कार्रवाई एवं गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर सूचना के आधार पर संदेही
राहुल पिता प्रकाश प्रजापति, निवासी वार्ड 14 रहली
शुभम पिता माखन अहिरवार, निवासी वार्ड 14 रहली
को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 04.02.2026 को शाम करीब 07:00 बजे मंडी प्रांगण से 06 बोरी मूंग एवं 03 बोरी मक्का मोटरसाइकिल क्रमांक MP 15 MS 3375 से चोरी कर ले गए थे।
पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से
06 बोरी मूंग
03 बोरी मक्का
(कीमत ₹29,000)
घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (कीमत ₹25,000)
कुल मशरूका लगभग ₹54,000 बरामद कर जप्त किया गया।
दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
उक्त चोरी प्रकरण के त्वरित खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिंहा एवं एसडीओपी रहली श्री प्रकाश मिश्रा के निर्देशन में थाना प्रभारी रहली उनि. सुनील शर्मा, प्रआर 709 मनोज रोहित, आरक्षक 1514 सुरेन्द्र यादव, आरक्षक 1542 जितेन्द्र प्यासी एवं आरक्षक 1682 सुनील दुबे का विशेष योगदान रहा।








