सागर : जिला इन दिनों अपराध की घटनाओं से दहला हुआ है। लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातें पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। ताजा मामला बंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजरी का है, जहां शुक्रवार रात पुरानी रंजिश ने ऐसा रूप लिया कि दो परिवारों के बीच का झगड़ा खून-खराबे में बदल गया। इस खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के पिता-पुत्र की निर्मम हत्या कर दी गई।
सड़क से खींचकर घर में ले जाकर हत्या
जानकारी के अनुसार, बिजरी गांव में लंबे समय से लोधी समाज के दो परिवारों में तनाव चल रहा था। शुक्रवार रात भागीरथ लोधी (60) और उनके बेटे रामकुमार (30) खेत से घर लौट रहे थे। तभी चंदन लोधी और उसके परिजनों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों के हाथों में कुल्हाड़ी, डंडे और धारदार हथियार थे। पहले तो गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।
आरोपियों ने पिता-पुत्र को बाइक से नीचे गिराया, बेरहमी से पीटा और फिर घसीटते हुए अपने घर की दहलान तक ले गए। वहां धारदार हथियारों से वार कर दोनों की हत्या कर दी गई। बीचबचाव करने आई मां गीता लोधी को भी मारपीट में घायल कर दिया गया, जिन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
तीन महीने पुरानी रंजिश ने ली जान
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जून महीने में भागीरथ लोधी के पोते सोनू की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया गया था। उस समय भी कार्रवाई नहीं हुई। तभी से दोनों पक्षों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। अब उसी विवाद की आग ने पिता-पुत्र की जान ले ली।
परिवार का आरोप है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, इसी कारण उनके हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मिकी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
19 आरोपियों पर केस दर्ज
पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर 19 लोगों के खिलाफ हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें कुंजन लोधी, राम लोधी, चंदन लोधी सहित कई नाम शामिल हैं। एएसपी डॉ. संजीव उईके ने बताया कि कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है।
सागर जिले में बढ़ते अपराध और लगातार हो रही हत्याओं ने आम लोगों में दहशत फैला दी है। बिजरी गांव की यह वारदात इस बात का सबूत है कि पुरानी रंजिशें जब प्रशासन की सख्ती के बिना पनपती हैं, तो वह खून की नदियां बहा देती हैं।