मध्य प्रदेश में मंदिर प्रबंधन के विशेष कोर्स शुरू होंगे : इंदौर में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने दी जानकारी, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Indore में रविवार को आयोजित बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार करने के उद्देश्य से मंदिर प्रबंधन से जुड़े स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। ये पाठ्यक्रम विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित होंगे और उनकी अवधि दो वर्ष की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कोर्सों में केवल सैद्धांतिक अध्ययन ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा, ताकि मंदिरों के संचालन, व्यवस्था और प्रबंधन को पेशेवर रूप दिया जा सके। उनका उद्देश्य मंदिर प्रशासन को आधुनिक स्वरूप देना और इससे रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया जा रहा है। Kashi Vishwanath Dham और Mahakal Lok की तर्ज पर मध्य प्रदेश में 13 ‘लोक’ विकसित किए जाएंगे। Omkareshwar Temple, Chitrakoot सहित कई तीर्थस्थलों पर विकास कार्य जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री Narendra Modi की यात्रा के बाद Ujjain देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो गया है। अब महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर, मैहर की माताजी, राजाराम लोक ओरछा और सलकनपुर जैसे स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर सदियों से आस्था के केंद्र रहे हैं, लेकिन अब उनके वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े पहलुओं को संगठित ढंग से विकसित करने की आवश्यकता है। नए कोर्स इसी दिशा में एक कदम होंगे, जिनसे कला, संस्कृति और ललित कला को भी प्रोत्साहन मिलेगा।








