बक्सवाहा थाने का संदिग्ध मामलाः बीला थाने की सीमा में जाम लगा कर धरने पर बैठे परिजन
पुलिस कार्यवाही में बिलंब, परिजनों ने शव रखकर हाइवे पर लगाया जाम
शाहगढ़। छतरपुर जिले के बक्सवाहा थाना क्षेत्र की चौकी बमौरी अंतर्गत निवार गांव में रविवार की देर शाम अपने घर में फंदे पर झूलता मिला 50 वर्षीय रामसिंह लोधी की संदिग्ध मौत के मामले में 48 घंटे बाद भी पुलिस कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। पुलिस की कार्य प्रणाली और रामसिंह की हत्या में शामिल नामजद लोगों पर आरोप लगाते हुये मामला दर्ज करने की मांग को लेकर परिजनों ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद बमौरी चौकी के सामने सड़क पर जाम लगाया था लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो बुधवार को बीला थाने की सीमा वर्ती हाईवे पर शव रखकर बैठ गये करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि रविवार को मृतक रामसिंह के साथ मारपीट हुई थी पिटाई से उसके हाथ पैर में चोट के निशान भी मिले, गांव के आरोपी लोग इतना नीचे गिर गये की मृतक के चेहरे पर मुंह में मैला तक भर दिया, इसी प्रताड़ना के चलते ही रामसिंह लोधी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस आरोपियों का बचाव कर रही है यही वजह है कि घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज किया ना अभी तक ना कोई कार्यवाही की।
हाईवे पर दो घंटे तक बसों और ट्रकों
के थमे रहे पहिया
घटना या फिर हादसा, एक्सीडेंट, कार्यवाही में बिलंब, न्याय में देरी होने पर हाईवे पर जाम लगा कर मार्ग को बंद करना अब पीड़ित लोगों के लिए न्याय पाने के लिये रास्ता बंद कर अपनी मांगों को शासन प्रशासन के पास भेजना अब सुगम और सरल सहज मार्ग बन गया है। जब कोई गंभीर वारदात घटना हादसा होने पर आवागमन तो सीमित समय के लिये प्रभावित होगा, लेकिन अब शव रखकर हाइवे पर जाम लगाकर आवागमन को बाधित करने के मामलों में इजाफा होने लगा है। ऐसे मामलों में न्याय के अभाव में शासन प्रशासन की कार्य प्रणाली पर ही आरोप लगते आ रहे हैं। आपको बता दें कि जाम लगने से आम जनता को ही परेशानियां झेलनी पड़ती हैं और यात्री भी गर्मी और भूख प्यास आदि के अभाव में परेशान होते हैं, बसों के आवागमन बंद होने की खबर फैलते ही सौ किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।








