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सागर : खैराई डेम में मगरमच्छ का आतंक: ग्रामीणों में दहशत, कई मवेशी और कुत्ता बने शिकार

मालथौन (सागर)। सागर जिले के ...

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मालथौन (सागर)। सागर जिले के मालथौन क्षेत्र स्थित खैराई गांव के ग्रामीण इन दिनों घबराहट में हैं। गांव के पास बने डेम में एक विशाल मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद से लोगों का वहां जाना पूरी तरह बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि यह मगरमच्छ 8 फीट से अधिक लंबा है और अब तक कई मवेशियों को निगल चुका है। रविवार को ग्रामीणों के सामने इस मगरमच्छ ने एक कुत्ते पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया, जिसकी पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई।

ग्रामीणों ने बताया कि वे बीते तीन दिनों से इस मामले की सूचना संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी को देते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गांव वालों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?

डेम के पास किसान और पशु रोज आते हैं पानी पीने

खैराई, मंगूस और इमलिया गांवों के बीच बनी यह नदी पर स्थित डेम ग्रामीणों के लिए खेती और रोजमर्रा के उपयोग का प्रमुख जलस्रोत है। यही से किसान फसलों की सिंचाई करते हैं और गांव के मवेशी पानी पीने आते हैं। स्थानीय लोग भी डेम पर नहाने या अन्य कार्यों के लिए जाते हैं। मगर जबसे मगरमच्छ का आतंक बढ़ा है, गांव वाले अब वहां जाने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ ने पहले भी कई पशुओं को मार डाला था, लेकिन अब उसने इंसानों के आस-पास तक पहुंचना शुरू कर दिया है।

रेंजर ने भेजी टीम, पानी अधिक होने से रेस्क्यू रुक गया

ग्रामीणों की लगातार शिकायत और वीडियो सामने आने के बाद आखिरकार वन विभाग हरकत में आया। रेंजर नीतेश सोनी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। हालांकि, डेम में पानी का स्तर बहुत अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान को तुरंत अंजाम नहीं दिया जा सका। टीम ने इलाके का जायजा लिया और ग्रामीणों से अपील की कि वे कुछ दिनों तक डेम के आसपास न जाएं। अगर मगरमच्छ गांव की ओर दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

ग्रामीणों को दी जा रही चेतावनी

डिप्टी रेंजर ने बताया कि मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया है और गांव में मुनादी करवाई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति नदी या डेम के पास न जाए। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि क्या डेम में केवल एक ही बड़ा मगरमच्छ है या और भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दो छोटे मगरमच्छों को भी डेम के पास तैरते देखा है।अधिकारियों का बयान“खैराई गांव के डेम में मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना हमें प्राप्त हुई है। मगरमच्छ स्वाभाविक रूप से नदी और तालाबों में पाए जाते हैं, जो उनका प्राकृतिक आवास है। उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा गया है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।”
— नीतेश सोनी, रेंजर मालथौन

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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