केसली वेयरहाउस में रिश्वतकांड का पर्दाफाश : लोकायुक्त टीम ने सहायक प्रबंधक को एक लाख रुपये लेते धर दबोचा
सागर। जिले की लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार की शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए केसली तहसील स्थित जरुआ सेवा सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक संतोष चौबे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि चौबे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर किसान से काम करवाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे।
लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार फरियादी दिनेश सिंह राजपूत (उम्र 42 वर्ष), निवासी ग्राम मुरई, तहसील देवरी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने समिति में मूंग उपार्जन हेतु पंजीयन कराया था और 371 क्विंटल मूंग समर्थन मूल्य पर बेचा था। इस उपज को शिविका वेयरहाउस भेजा गया, लेकिन वहां के संचालक दिव्यांश तिवारी ने खराब ग्रेडिंग का हवाला देकर माल रखने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दिनेश ने सहायक प्रबंधक संतोष चौबे से संपर्क किया। चौबे ने अपने सहयोगी राजेश पांडे और वेयरहाउस संचालक तिवारी के साथ मिलकर ग्रेडिंग रिपोर्ट सही करने तथा उपज रखने और ट्रांजिट चालान जारी करने के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। शिकायत की जांच लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के आदेश पर निरीक्षक रोशनी जैन को सौंपी गई। सत्यापन के दौरान आरोपी एक लाख रुपये लेकर काम करने को तैयार हो गए।
योजना के मुताबिक फरियादी दिनेश सिंह को रिश्वत की रकम दी गई। जैसे ही चौबे ने 1 लाख रुपये स्वीकार किए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि चौबे ने रकम अपने सहयोगी अजय सिंह घोषी को सौंप दी थी, जिसके चलते उसे भी आरोपी बनाया गया है। वहीं राजेश पांडे और संचालक दिव्यांश तिवारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
इस पूरे ऑपरेशन में निरीक्षक रोशनी जैन के साथ निरीक्षक कमल सिंह उईके, निरीक्षक रंजीत सिंह और अन्य अधिकारी शामिल रहे।